
इटावा में जेसीबी( UP 75 BT 7161) से अच्छा-खासा प्लांटेशन तुड़वाकर शासकीय पैसे की लूट, दोबारा पौधे भी नहीं लगाए कागजों लीपापोती!
रिपोर्ट शिवराज सिंह राजपूत इटावा
इटावा, उत्तर प्रदेश:जसवंतनगर क्षेत्र के बाउथ गांव में प्लांटेशन घोटाले को लेकर प्रशासन और जांच अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता शिवाय राजपूत ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में साफ लिखा है कि गांव बाउथ में जेसीबी मशीन ( UP 75 BT 7161)से अच्छा-खासा मस्त हरा भरा लगा हुआ, प्लांटेशन तुड़वा दिया गया, और उसी पर कुछ नया और कुछ पुराना प्लांटेशन लगवा कर लीपापोती कर दी गई।जिसमें सरकारी पैसे की खुली लूट हुई। हैरानी की बात यह है कि तुड़वाए गए पौधों के स्थान पर दोबारा कुछ नया और कुछ पुराना दिखाया है।
प्लांटेशन की लीपापोती कर वन विभाग प्रशासन के अधिकारियों सूत्रों बताते हैं कि मिलजुल कर रस मलाई मारी तड़का लगा के?
क्या है पूरा मामला?
शिवाय राजपूत के अनुसार, बाउथ गांव में पहले से लगा हुआ प्लांटेशन जेसीबी से उखड़वा दिया गया। सूत्रों का कहना है कि वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार सिंह, रेंजर अजीत पाल सिंह और फॉरेस्ट गार्ड सचिन कुमार ने जेबीसी संख्या ( UP 75 BT 7161)पुराने पौधों को ही नया दिखाकर कागजों (कागजों में लीपापोती कर दी गई)और रिपोर्ट बना दी। इस पूरे खेल में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ और दोबारा पौधे भी नहीं लगाए गए।
जांच अधिकारी भी सवालों के घेरे में
शिकायतकर्ता का आरोप है तो है वहां के सूत्र बताते हैं कि जांच अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय दोषियों को बचाने में लगे हैं।
शिकायत के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रशासन की भूमिका संदिग्ध
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने में जुटा है और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें जेल भेजा जाए।
जनता में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
इस घोटाले से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
इटावा के बाउथ गांव में जेसीबी संख्या ( UP 75 BT 7161) से अच्छा-खासा प्लांटेशन तुड़वाकर( लीपापोती कर दी गई)और सरकारी पैसे की लूट और दोबारा पौधे न लगाने का मामला प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान है। सूत्रों ने हमें बताया,जांच अधिकारी और प्रशासन की मिलीभगत से वन विभाग के अधिकारी ने पहले किसी गांव के बुजुर्ग को लालच प्रलोभन दिया? उससे कहा कि आप अपने लड़के से सिग्नेचर कर मोबाइल से कागज मंगवा लो ? जिसपर लिखकर दे देना ?हमारा भी काम हो जायेगा आपका भी मुनाफा हो जायेगा।?
इस पर दोनों मैं सौदा हो गया?
(खुदा न खास्ता उसको किसी ने बोल दिया)मर जाओगे इसमें मुख्यमंत्री की जांच शुरू है।?
यहां पर वन विभाग के अधिकारियों का प्लान फेल हो गया।?
उसके वाद जुगाड नहीं वनी तो वन अधिकारियों ने दुसरा अपना पासा फैंका?
सूत्रों का कहना है ग्राम पंचायत बाउथ के प्रधान प्रवीण कुमार सक्सेना से संपर्क कर मिले और उनसे उस मसले बात की तो सौदा हो गया ?और प्रधान को लालच प्रलोभन देकर झूठी लिखवा लिया और प्रधान ने अपने लेटरहेड पर झूठी खबर लिखकर दे दिया इतना ही नहीं प्रधान ने अपने पद का दुरूपयोग किया है। और झूठी रिपोर्ट लगाकर उन भ्रष्टाचारियों को पूर्ण रूप से बचाने का कार्य किया है।
भ्रष्टाचारियों को सहयोग कर बचाने वाले संहित सभी पर कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाये और उनकी सीबीआई और ईडी द्वारा जांच की जाये।
सूत्रों का कहना है कि इन लोगों के हौसले बुलंद बुलंद हैं। जनता अब सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।


