इटावा में भूमि विवाद निस्तारण अभियान से अब तक 2236 प्रकरणों का समाधान, 271.56 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त
ब्यूरो विशाल समाचार इटावा
इटावा: जन शिकायतों, विशेष रूप से भूमि विवादों के त्वरित, प्रभावी व गुणवत्तापूर्ण समाधान को शासन द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में आयुक्त कानपुर मंडल के निर्देश पर जिलाधिकारी श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल द्वारा जनपद इटावा में 06 मई 2025 से श्रावस्ती मॉडल पर आधारित भूमि विवाद निस्तारण अभियान प्रारम्भ किया गया है।
यह अभियान जनपद की सभी 6 तहसीलों एवं 20 थानों में प्रत्येक मंगलवार व गुरुवार को संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत राजस्व व पुलिस की 10 सदस्यीय दो संयुक्त टीमें चयनित ग्रामों में जाकर सुलह-समझौते, जाँच, पैमाइश आदि के माध्यम से विवादों का समाधान करती हैं। इन टीमों का नेतृत्व उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी या उप निरीक्षक द्वारा किया जाता है।
पर्यवेक्षण का कार्य जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी (वि/रा) श्री अभिनव रंजन श्रीवास्तव तथा तहसील स्तर पर संबंधित उप जिलाधिकारी द्वारा किया जा रहा है।
आज दिनांक 29 जुलाई 2025 को जनपद की सभी तहसीलों के अंतर्गत 15 ग्रामों में संयुक्त टीमें भेजी गईं, जहां 75 भूमि विवादों की पहचान कर पक्षकारों से बातचीत, जाँच एवं पैमाइश द्वारा शत-प्रतिशत मामलों का निस्तारण किया गया।
इस दौरान 5.7046 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया, जिसमें शामिल हैं:
20 नाली,31 रास्ते,05 तालाब,02 खाद के गड्ढे,
03 वृक्षारोपण भूमि,04 नवीन परती/बंजर भूमि,
05 कब्रिस्तान/शमशान भूमि,06अन्य श्रेणी की भूमि
अभियान के प्रारंभ से अब तक जनपद के 384 ग्रामों में 2236 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए कुल 271.56580 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जा चुका है।


