इटावा में भूमि विवाद निस्तारण अभियान से अब तक 215 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त
इटावा ब्यूरो विशाल समाचार
जनपद इटावा में भूमि विवादों का शीघ्र, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में आयुक्त, कानपुर मण्डल के निर्देश पर जिलाधिकारी श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल द्वारा 5 मई 2025 से श्रावस्ती मॉडल के आधार पर भूमि विवाद निस्तारण अभियान प्रारंभ किया गया है।
यह अभियान जनपद की सभी 6 तहसीलों एवं 20 थानों में सप्ताह में दो दिन—मंगलवार एवं गुरुवार—को चलाया जा रहा है। इस दौरान सर्वाधिक विवादग्रस्त ग्रामों में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त 10 सदस्यीय टीमें ग्रामवासियों की उपस्थिति में सुलह-समझौते, जांच व पैमाइश द्वारा मामलों का समाधान कर रही हैं। इन टीमों का नेतृत्व तहसील व थाना स्तरीय अधिकारियों द्वारा किया जाता है।
जिलाधिकारी द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि राजस्व न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन हेतु प्रकरणों को अभियान में सम्मिलित कर आवश्यक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। अब तक तहसील भरथना, सदर, चकरनगर, ताखा एवं जसवंतनगर में धारा 24, 67 एवं 116 के अंतर्गत कई प्रकरणों का समाधान किया जा चुका है।
आज 08 जुलाई को की गई कार्रवाई में:
जनपद की 6 तहसीलों के अंतर्गत 16 ग्रामों में संयुक्त टीमें पहुंचीं।
कुल 78 विवादित प्रकरण चिन्हित कर शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया।
11.76 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई, जिसमें रास्ते, तालाब, चारागाह, कब्रिस्तान/श्मशान, खाद गड्ढे, खेल मैदान, निजी भूमि आदि शामिल हैं।
अब तक अभियान के तहत:
कुल 301 ग्रामों में कार्यवाही हुई।
1,747 भूमि विवाद सुलझाए गए।
215.023 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त कराई गई।
115 प्रकरणों में राजस्व न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित हुआ।
इस अभियान की जनपद स्तर पर निगरानी अपर जिलाधिकारी (वि/रा) श्री अभिनव रंजन श्रीवास्तव द्वारा एवं तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारीगण द्वारा की जा रही है।


