“शिंदे सेना के प्रायोजक स्वयं अमित शाह, इसलिए एकनाथ शिंदे को कहना पड़ा ‘जय गुजरात’: कांग्रेस प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी”
पुणे, ब्यूरो विशाल समाचार
कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने एक बार फिर शिंदे गुट और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शिंदे सेना की स्थापना ही भारतीय लोकतंत्र को अपमानित कर रातोंरात की गई “राजनीतिक घरफोड़” का परिणाम है, जिसमें महाराष्ट्र की अस्मिता और लोकतांत्रिक भावना के साथ खिलवाड़ किया गया।
तिवारी ने आरोप लगाया कि शिव छत्रपति महाराज की प्रतिमा में हुए भ्रष्टाचार से लेकर अरबी समुद्र में प्रस्तावित स्मारक को ठंडे बस्ते में डालने, डॉ. आंबेडकर स्मारक में हो रही देरी तथा राज्य के संतों और समाजसुधारकों जैसे शिवाजी महाराज, महात्मा फुले आदि का बार-बार अपमान करने वाले भाजपा नेता अब ‘महाराष्ट्र विरोधी चेहरा’ बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि शिंदे सेना का वास्तविक जन्म तब हुआ जब शिवसेना के विधायकों का “अपहरण” कर उन्हें सुरत और गुवाहाटी ले जाया गया, और भाजपा की गोद में बैठा कर “शिंदे गुट” तैयार किया गया। इस पूरी योजना के सूत्रधार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह थे। इसलिए यह स्वाभाविक है कि एकनाथ शिंदे को ‘जय गुजरात’ कहना पड़ा।
गोपालदादा तिवारी ने यह भी कहा कि जब भाजपा नेता निलेश राणे और शायना एन.सी. को शिंदे गुट की ओर से विधानसभा की टिकट दी गई, तभी यह स्पष्ट हो गया था कि शिंदे गुट का रिमोट कंट्रोल सीधे भाजपा के हाथ में है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिंदे सरकार के कार्यकाल के दौरान ही ‘गुजरात नरेश’ (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) ने महाराष्ट्र के युवाओं की नौकरियां, उद्योग और केंद्रीय संस्थाएं गुजरात स्थानांतरित करवा दीं, जो राज्य के इतिहास का एक दुखद अध्याय बन गया है।
प्रवक्ता तिवारी ने अंत में कहा कि महाराष्ट्र की जनता यह सब देख रही है और समय आने पर इन “संविधान विरोधी शक्तियों” को उचित जवाब देगी।


