
शहीद प्रह्लाद बैठा की पुत्रियों का बिहार पुलिस में चयन: संघर्ष, साहस और सफलता की प्रेरणादायक कहानी
विशाल समाचार ब्यूरो सीतामढ़ी
सीतामढ़ी में देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सीतामढ़ी जिले के रसलपुर गांव निवासी शहीद CRPF जवान प्रह्लाद बैठा की बेटियां चंचल कुमारी और पूजा कुमारी अब बिहार पुलिस का हिस्सा बन गई हैं। मुख्यमंत्री द्वारा दोनों बहनों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिससे पूरे जिले में गर्व और सम्मान की लहर दौड़ गई है।
शहीद प्रह्लाद बैठा के शहीद होने के बाद परिवार को तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एक निजी स्कूल ने जब बेटियों को फीस न भर पाने के कारण स्कूल से निकाल दिया, तब पूर्व सैनिक अनिल कुमार और उनके युवा समाजसेवी साथियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी उठाई।

चिल्ड्रेन हैप्पी होम के निदेशक बिट्टू विश्वास झा ने शिक्षा और संसाधनों की व्यवस्था की, जबकि श्री राम स्टोर्स के संचालक पंकज कुमार उर्फ बबलू ने पढ़ाई से जुड़ी सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की।
इन विषम परिस्थितियों में शहीद की पत्नी पूनम देवी ने चार बच्चों की परवरिश करते हुए अपनी बेटियों को इस मुकाम तक पहुंचाया। छोटी उम्र में पिता को खोने के बावजूद बेटियों ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर समाज के सामने मिसाल पेश की है।
आज जब ये दोनों बेटियाँ वर्दी पहनकर अपने पिता के सपनों को आगे बढ़ा रही हैं, तब अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन और मीडिया की भूमिका भी सराहनीय रही, जिन्होंने इस परिवार को सहयोग दिलाने में निरंतर प्रयास किए।
पूर्व सैनिक अनिल कुमार ने इस मौके पर भावुक होते हुए कहा, “आज मुझे जो सुखद गर्व की अनुभूति हो रही है, उसे शब्दों में बयां करना कठिन है। यह जीत सिर्फ इन बेटियों की नहीं, पूरे समाज के जज़्बे की है।”
रसलपुर के मुखिया प्रतिनिधि दिलीप कुमार के सहयोग से शहीद स्मारक स्थल का निर्माण तो हो गया है, लेकिन शहीद की प्रतिमा अब तक स्थापित नहीं हो सकी, जो आज भी प्रशासनिक उपेक्षा का प्रतीक है। इसके लिए भी स्थानीय लोग प्रयासरत हैं और जल्द समाधान की उम्मीद है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिलेभर से बधाइयों का तांता लग गया है। पूर्व सैनिक संगठन के सभी सदस्यों, समाजसेवियों और शुभचिंतकों ने चंचल और पूजा को ढेरों शुभकामनाएं दी हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।



