पूणे

भारत के स्मार्ट और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स भविष्य को सशक्त बना रहा है गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (GEG)

भारत के स्मार्ट और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स भविष्य को सशक्त बना रहा है गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (GEG)

गुड एंड ग्रीन पोर्टफोलियो से 37% से अधिक राजस्व के साथ, पर्यावरण-अनुकूल भागीदारों का नेटवर्क पिछले 3 वर्षों में 30% बढ़ा 30% की कटौती कर चुकी है।

पुणे: जैसे-जैसे भारत विश्व स्तर पर विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स का केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, गोदरेज एंटरप्राइज़ेज़ ग्रुप (GEG) भी इस क्रांतिकारी बदलाव का नेतृत्व करने में हमेशा आगे है। अपने इंट्रालॉजिस्टिक्स व्यवसायों मैटेरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट (MHE) और स्टोरेज सॉल्यूशन्स के माध्यम से, GEG IoT, ऑटोमेशन और AI से संचालित ऑटोमेटेड लॉजिस्टिक्स सिस्टम उपलब्ध कर रहा है, जो आधुनिक वेयरहाउस और कारखानों में परिचालन की सीमाओं को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।

इंट्रालॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक मार्केट लीडर के रूप में, गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (GEG), अनुसंधान एवं विकास (R&D) और नवाचार में आक्रामक रूप से निवेश कर रहा है ताकि विनिर्माण प्रक्रियाएं और उत्पाद अधिक टिकाऊ बन सके। स्टोरेज सॉल्यूशंस और मटेरियल हैंडलिंग क्षेत्र में कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में औसतन 20-25% की बाजार हिस्सेदारी बनाए रखी है. यह उपलब्धि कंपनी को भारत के हरित लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में हो रहे परिवर्तनों का नेतृत्व करने के लिए एक मजबूत स्थिति प्रदान करती है. इसके अतिरिक्त, इंट्रालॉजिस्टिक्स व्यवसाय की घरेलू खरीद का लगभग 85% मूल्य स्थानीय स्रोतों से आता है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और मूल्य श्रृंखला में स्थिरता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करता है।

स्वदेशी उत्पाद विकास, सुरक्षा नवाचार, सटीक इंजीनियरिंग और टिकाऊ प्रौद्योगिकियों में रणनीतिक निवेश के माध्यम से, जीईजी न केवल वेयरहाउस और फैक्ट्री फ्लोर को आधुनिक बना रहा है, बल्कि एक ऐसा लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम भी तैयार कर रहा है जो चुस्त, कुशल और भविष्य के लिए तैयार है।

GEG के स्टोरेज सॉल्यूशंस बिज़नेस के बिज़नेस हेड विकास चौदाहा ने कहा, ‘इंट्रालॉजिस्टिक्स में हमारा काम आंतरिक अनुकूलन से कहीं आगे जाता है, यह एक ऐसे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को सक्षम बनाने के बारे में है जो अधिक मज़बूत और भविष्य के लिए तैयार हो। हम थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PLs), क्विक कॉमर्स प्लेयर्स और अन्य बड़े निर्माताओं को वेयरहाउस इकोसिस्टम बनाने में मदद कर रहे हैं, जो परिचालन लागत में कटौती करते हैं और डिलीवरी टाइमलाइन को तेज करते हैं। आज, घर पर मिलने वाली हर तीसरी डिलीवरी में गोदरेज का स्पर्श होता है।’

 

 

अनिल लिंगायत, बिजनेस हेड, मैटेरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट, जीईजी, ने कहा, ‘कुशल लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस के अंदर से शुरू होता है। हर सेकंड की बचत सप्लाई चेन में योगदान देती है। हमारे टिकाऊ, डिजिटल-फर्स्ट समाधान, इलेक्ट्रिक और लिथियम-आयन फोर्कलिफ्ट से लेकर टेलीमैटिक्स-सक्षम, स्वचालित रैकिंग प्लेटफॉर्म तक, पूरे इकोसिस्टम में दक्षता उन्नयन को आगे बढ़ा रहे हैं। एमएचई जुलाई में फोर्कलिफ्ट पर आईओटी समाधान लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। जीईजी में, हम चुस्त, उच्च-प्रदर्शन वाले लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी विनिर्माण और आर एंड डी क्षमताओं का विस्तार कर रहे हैं।’

GEG की इंट्रा-लॉजिस्टिक्स (Intra-logistics) शाखा ई-कॉमर्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी, कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स, क्विक कॉमर्स और रिटेल जैसे उच्च-विकास वाले क्षेत्रों को टिकाऊ, स्केलेबल और तकनीक-संचालित समाधानों के साथ सशक्त बना रही है। नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी के साथ तालमेल बिठाते हुए, जीईजी अपने सभी परिचालनों में ग्रीन लॉजिस्टिक्स, लागत अनुकूलन और डिजिटल एकीकरण पहल को आगे बढ़ा रही है।

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (जीईजी) ने अपनी चेन्नई स्थित स्टोरेज सॉल्यूशंस फैसिलिटी के माध्यम से स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है, जो हरित विनिर्माण में अग्रणी है। यह फैसिलिटी 3 गुना जल-सकारात्मकता (3x वॉटर पॉजिटिव), EP100 की हस्ताक्षरकर्ता (सिग्नटरी) है और पाइप्ड नेचुरल गैस के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में 30% की कटौती कर चुकी है।

इस सुविधा केंद्र में ऊर्जा और जल उपयोग की रीयल-टाइम निगरानी होती है और यह लैंडफिल में कोई अपशिष्ट न भेजने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है। उत्पादन के मोर्चे पर, GEG के इंट्रालॉजिस्टिक्स नवाचार देशभर में वेयरहाउस संचालन को पूरी तरह बदल रहे हैं, जिसमें स्टील और पाउडर जैसे RoHS-अनुपालन कच्चे माल का उपयोग किया जा रहा है। टिकाऊ (सस्टेनेबल) प्रथाओं के कारण ऊर्जा उत्पादकता दोगुनी हो गई है और प्रति इकाई ऊर्जा खपत में 60% की कमी आई है।

इस बीच, MHE डिवीजन ने अपनी विक्रोली (मुंबई) यूनिट के पूरे संचालन में स्थिरता और टिकाऊ (सस्टेनेबिलिटी) को एकीकृत कर दिया है, जिससे ऊर्जा उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि, कार्बन उत्सर्जन में कमी, तथा नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण उपायों को अपनाने में अहम प्रगति हुई है।

इस बीच, भारत में इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट के अग्रणी के तौर पर, MHE डिवीज़न ने हाल ही में देश की पहली लिथियम-आयन बैटरी-संचालित फोर्कलिफ्ट पेश की है. यह स्वदेशी रूप से विकसित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमसएस) से लैस है, जो चुनौतीपूर्ण भारतीय परिस्थितियों में प्रदर्शन, सुरक्षा और बैटरी की आयु को बेहतर बनाती है।

अपने पोर्टफोलियो के 82% से अधिक इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट ट्रकों के साथ, यह डिवीजन स्मार्ट और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स की दिशा में बदलाव का नेतृत्व कर रहा है, और भारत के लिए एक हरित व अधिक दक्ष भविष्य के निर्माण की अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शा रहा है।

 

 

भारत में वर्तमान में लॉजिस्टिक्स लागत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 14-18% है, जबकि सरकार का लक्ष्य इसे घटाकर एकल अंक (सिंगल डिजिट) में लाना है। जैसे-जैसे भारत सिंगल डिजिट लॉजिस्टिक्स लागत की ओर बढ़ रहा है, जीईजी इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए तैयार है, जो एक ऐसा लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम बनाएगा जो चुस्त, बुद्धिमान और टिकाऊ हो।

 

 

 

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