पूणे

हिंदुत्ववादियों द्वारा पूर्व सैनिक के मुस्लिम परिवार पर दहशत फैलाने का प्रयास, चंदननगर पुलिस पर FIR न दर्ज करने का आरोप

हिंदुत्ववादियों द्वारा पूर्व सैनिक के मुस्लिम परिवार पर दहशत फैलाने का प्रयास, चंदननगर पुलिस पर FIR न दर्ज करने का आरोप

 

विशाल समाचार ब्यूरो | पुणे

पुणे के चंदननगर क्षेत्र में भारतीय सेना के सेवानिवृत्त मुस्लिम सैनिक के परिवार पर खुद को “हिंदुत्ववादी” बताने वाले 70 से 80 लोगों के एक उग्र समूह द्वारा आधी रात को घर में घुसकर महिला और बच्चों पर दहशत फैलाने की गंभीर घटना सामने आई है।

 

इस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस को सूचना देने के बावजूद चंदननगर पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस द्वारा FIR दर्ज न किए जाने को लेकर समाज में आक्रोश व्याप्त है।

 

इस प्रकरण में नेशनल कॉन्फ्रेंस फॉर माइनॉरिटी की ओर से परिमंडल क्रमांक चार के पुलिस उपायुक्त सोमैया मुंडे को ज्ञापन सौंपते हुए स्वतः संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

 

पूर्व सैनिक का परिवार बना निशाना

चंदननगर के निवासी शमशाद अली शेख के दादा और चाचा भारतीय सेना में सेवारत रह चुके हैं और उन्हें सेवा के दौरान कई पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। यह परिवार पिछले 55 वर्षों से चंदननगर में निवास कर रहा है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि 26 जुलाई की रात 12 बजे उक्त समूह ने उनके घर में घुसकर रोहिंग्या, लांडे जैसे आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए “यहाँ से चले जाओ” जैसी धमकियाँ दीं। यह भी बताया गया कि हमले के वक्त कुछ पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने मूकदर्शक बने रहकर कोई हस्तक्षेप नहीं किया।

बच्चों और बुज़ुर्गों को रातभर थाने में बैठाए रखा

घटना की भयावहता इस बात से भी स्पष्ट होती है कि पूर्व सैनिक के परिवार की बुज़ुर्ग महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और 13-14 साल के बच्चे भी इस हमले का शिकार हुए और पुलिस ने उन्हें रात 3:30 बजे तक थाने में बैठाकर रखा।

 

नेशनल कॉन्फ्रेंस फॉर माइनॉरिटी के अध्यक्ष राहुल डंबाळे ने बताया कि हाल के दिनों में इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जो अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। उन्होंने कहा, “हमने माननीय पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार को इस संदर्भ में लिखित निवेदन देने का निर्णय लिया है। आज ही हमने पुलिस उपायुक्त सोमैया मुंडे से टेलीफोन पर चर्चा की है और उन्हें पत्र भी प्रेषित किया है।”

 

विरोध में प्रतीकात्मक धरना आंदोलन

इस घटना के विरोध में 31 जुलाई, गुरुवार को येरवडा स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के सामने एक लाक्षणिक धरना आंदोलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें सामाजिक संगठन, मानवाधिकार कार्यकर्ता और नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस फॉर माइनॉरिटी ने स्पष्ट कहा है कि यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

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