सीतामढ़ी

जिले में उत्पन्न जल संकट को लेकर समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में समीक्षा बैठक आयोजित

जल संकट पर सीतामढ़ी डीएम ने की सख्त मॉनिटरिंग: टैंकर बढ़ाने, लापरवाह JE पर कार्रवाई के निर्देश

 

ब्यूरो | विशाल समाचार | सीतामढ़ी

 

सीतामढ़ी में आज समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, सीतामढ़ी (PHED) द्वारा जल संकट की स्थिति एवं उससे निपटने हेतु किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव श्री नित्यानंद प्रसाद, मुख्य अभियंता श्री रामचंद्र पांडेय, अधीक्षण अभियंता (मुजफ्फरपुर अंचल) श्री मनोज मनोहर, अधीक्षण अभियंता श्री राजीव कुमार, एडीएम आपदा प्रबंधन श्री बृजकिशोर पांडे, कार्यपालक अभियंता सीतामढ़ी श्री अरुण प्रकाश, कार्यपालक अभियंता श्री आलोक कुमार सहित सभी कनीय अभियंता (JE) एवं सभी कार्यकारी एजेंसी के संवेदक उपस्थित थे।

बैठक में पीपीटी के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की अद्यतन स्थिति का विश्लेषण किया गया एवं उससे संबंधित कार्यों को लेकर उपस्थित कनीय अभियंताओं से प्रखंड वार समीक्षा की गई। कार्यपालक अभियंता पीएचईडी ने अवगत कराया कि वर्तमान में जिले के 64 पंचायतों में 82 टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति वार्ड स्तर पर की जा रही है।

डीएम ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश:

 

 

बंद योजनाओं की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को प्रखंडवार 20 टीम तैनात करने का निर्देश दिया।

जल टैंकरों की संख्या को 82 से बढ़ाकर 150 करने का आदेश कार्यपालक अभियंता को दिया गया।

बाजपट्टी के JE की कार्य में लापरवाही पर उन्हें तत्काल हटाने का निर्देश।

नानपुर एवं बोखड़ा प्रखंड के लिए अतिरिक्त JE की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सुरसंड, पुपरी एवं चोरौत प्रखंड में कार्यरत एजेंसियों की लापरवाही पर आर्थिक दंड एवं DEBAR करने की कार्रवाई का आदेश दिए गए।

संतोषजनक कार्य न करने वाले JE के खिलाफ निलंबन की चेतावनी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी JE स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करें।

हैंडपंपों की स्थिति की भी हुई विस्तृत समीक्षा:

बैठक में जिले में पेयजल आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कार्यपालक अभियंता श्री अरुण प्रकाश ने जानकारी दी कि—

अब तक 298 सामान्य चापाकलों का कन्वर्जन कर उन्हें विशेष चापाकल में बदला गया है।

66 नए चापाकल गाड़े गए हैं।

वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक 4116 चापाकलों की मरम्मत की जा चुकी है।

जिलाधिकारी ने पीएचईडी विभाग को 500 नए चापाकलों की अधिष्ठापना का लक्ष्य निर्धारित कर इस दिशा में अग्रेत्तर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

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