राज्य सरकार द्वारा नदी शुद्धीकरण प्रकल्प तीन चरणों में शुरू – उद्योग मंत्री उदय सामंत
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की प्रमुख नदियों के प्रदूषण को कम करने और उन्हें पूर्णतः स्वच्छ करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी नदी शुद्धीकरण प्रकल्प को तीन चरणों में लागू करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी उद्योग मंत्री उदय सामंत ने विधानपरिषद में दी।
पिंपरी-चिंचवड़, पुणे एवं आस-पास के परिसर में बहने वाली पवना, इंद्रायणी, मुळा और मुठा नदियों के शुद्धीकरण हेतु संबंधित परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। विधानपरिषद सदस्य श्रीमती उमा खापरे ने पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) द्वारा पवना, मुळा एवं इंद्रायणी नदियों के पुनरुद्धार कार्य की प्रगति पर प्रश्न पूछा था, जिस पर विधानपरिषद सदस्य श्री सचिन अहीर ने भी उपप्रश्न किया।
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए मंत्री श्री सामंत ने बताया कि इंद्रायणी और पवना नदी प्रकल्प (PMRDA के माध्यम से) की अनुमानित लागत ₹671 करोड़ है, जिसमें से 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा तथा 40 प्रतिशत राशि PMRDA द्वारा वहन की जाएगी। पवना नदी के लिए पृथक रूप से ₹218 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित है, जिसका वित्त पोषण भी केंद्र (60%) और स्थानीय निकायों (40%) द्वारा किया जाएगा।
इसके अलावा, एमआयडीसी क्षेत्र के औद्योगिक अपशिष्ट जल की शुद्धता सुनिश्चित करने हेतु CETP (सामूहिक अपशिष्ट जल शोधन परियोजना) के लिए ₹1200 से ₹1500 करोड़ की लागत का प्रकल्प प्रस्तावित है, जिसे महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) के माध्यम से लागू किया जाएगा।
श्री सामंत ने यह भी बताया कि इस संपूर्ण परियोजना के लिए ‘जायका’ (JICA) से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रगति पर है और प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में आळंदी में आयोजित एक कार्यक्रम में घोषणा की थी कि इंद्रायणी और पवना नदियों का शुद्धीकरण उनके उगम से लेकर संगम तक किया जाएगा।
मंत्री श्री सामंत ने यह भी सूचित किया कि इस विषय पर उपमुख्यमंत्री श्री अजित पवार की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक शीघ्र ही आयोजित की जाएगी।



