
11वीं फेल” से IIT Roorkee तक का सफर: पानीपुरी बेचने वाले का बेटा हर्ष बना परिवार का पहला IITian
कल्याण (महाराष्ट्र)- “सपने बड़े हैं, तो संघर्ष भी बड़ा होगा” — यह पंक्ति किसी फिल्मी कहानी की नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले के कल्याण की एक चॉल में रहने वाले हर्ष गुप्ता की ज़िंदगी का सार है। एक ऐसा छात्र जिसे कभी ’11वीं में फेल’ कहकर ताना मारा गया, आज IIT Roorkee में दाखिला लेकर अपने परिवार, मोहल्ले और स्कूल का पहला IITian बन गया है।
हर्ष के पिता पानीपुरी की ठेली चलाते हैं और मां सिर्फ पांचवीं तक पढ़ी हैं। चॉल के दो कमरे, छह लोगों का परिवार, और जीवन की हर सुबह एक नई चुनौती। लेकिन उसी चॉल से उठकर हर्ष ने साबित किया कि सपना देखने और उसे पूरा करने के लिए न संसाधन चाहिए, न कोई विशेष पहचान — सिर्फ आत्मबल चाहिए।
कोरोना के बीच पैदा हुआ सपना
साल 2021 में जब पूरा देश कोरोना से जूझ रहा था, तब हर्ष ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा दी। स्कूल बंद थे, ऑनलाइन पढ़ाई सीमित थी और भविष्य अनिश्चित। परीक्षा देने के बाद तक हर्ष को यह जानकारी नहीं थी कि IIT में दाख़िले के लिए JEE नाम की कोई परीक्षा होती है।
जब उसे इसका ज्ञान हुआ, तब तक 11वीं की पढ़ाई आधी से ज़्यादा पूरी हो चुकी थी।
कोटा की राह, संघर्ष की शुरुआत
परिवार ने किसी तरह कर्ज लेकर और पेट काटकर हर्ष को कोटा भेजा। Motion Education Kota में एडमिशन हुआ, लेकिन वहां जाकर पता चला कि बाकी छात्र काफी आगे निकल चुके हैं। पहले ही दिन Vector जैसे टॉपिक से सामना हुआ, जिसका नाम तक हर्ष ने नहीं सुना था।
इसी बीच कोटा में दोबारा लॉकडाउन लगा और स्कूल की परीक्षा आई — बिना तैयारी के हर्ष 11वीं की परीक्षा में फेल हो गया।
समाज ने उस पर ठप्पा लगा दिया — “11वीं फेल”, “IIT उसके बस की बात नहीं” जैसी बातें उसके पीछे लग गईं। एक रिश्तेदार ने तो यहां तक कह दिया: “जा, तू भी पानीपुरी ही बेचना!”
दोबारा शुरुआत, लेकिन राह आसान नहीं
हर्ष ने हार नहीं मानी। 11वीं दोबारा पढ़ी, जमकर मेहनत की और धीरे-धीरे पढ़ाई में वापसी की।
लेकिन तक़दीर ने एक बार फिर परीक्षा ली — 12वीं में पेट में गंभीर इन्फेक्शन हुआ, कोटा से दो बार घर लौटना पड़ा। इलाज के दौरान पढ़ाई बाधित हुई। फिर भी उसने JEE Main में 98.59 पर्सेंटाइल हासिल किया।
इसी दौरान Motion के HOD, आर.आर.डी. सर ने उसे बुलाकर कहा, “बेटा, सपने तक पहुंचने के लिए सबसे पहले ज़िंदा रहना ज़रूरी है।” यह बात हर्ष के मन में घर कर गई।
JEE Advanced में असफलता, फिर भी नहीं टूटा
पहले प्रयास में हर्ष JEE Advanced क्लियर नहीं कर पाया। एक बार फिर ताने मिलने लगे — “अब NIT में ले ले एडमिशन, IIT सबके बस की बात नहीं होती।”
लेकिन हर्ष ने ठान लिया — वह फिर से कोशिश करेगा।
दूसरी पारी, दूसरी आशा
हर्ष ने ड्रॉप लिया और दोबारा Motion Kota में एडमिशन लिया। इस बार पढ़ाई जमकर हुई, लेकिन परीक्षा के समय फिर एक गहरा आघात लगा —



