
सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय ने यूजीसी को रैंकिंग से संबंधित मांगी गई जानकारी अब तक नहीं सौंपी
स्पेशल रिपोर्ट विशाल समाचार
पुणे: सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), नई दिल्ली द्वारा रैंकिंग से संबंधित उपयोग की गई जानकारी के संबंध में वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में दो बार रिपोर्ट मांगी गई थी। यह मांग आयोग के उपसचिव एवं अवर सचिव स्तर से की गई थी।
हालांकि, आज तक विश्वविद्यालय ने इस संदर्भ में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को कोई जानकारी प्रस्तुत नहीं की है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित अनुसंधान, प्रकाशन, शोध व्यय आदि की जानकारी तथा विश्वविद्यालय का लेखा-जोखा, बजट और रैंकिंग के लिए प्रयुक्त आंकड़ों के बीच अंतर होने की जानकारी एक नागरिक द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली तथा सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव, IQAC (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ) और NAAC विभागों को दी गई थी।
इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने दो बार विश्वविद्यालय से स्पष्ट जानकारी मांगी, किंतु विश्वविद्यालय द्वारा आज तक इस पर कोई जवाब या विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया है। यह भी सामने आया है कि आयोग को जानकारी न देने के पीछे क्या कारण है या फिर जानबूझकर टालमटोल क्यों की जा रही है — यह अब एक गंभीर सवाल बन गया है।


