लखनऊ

शिवरी स्थित प्रोसेसिंग प्लांट पर डिप्लोमेट्स द्वारा बेस्ट प्रोसेसिंग कार्य के समापन में की गई सराहना

शिवरी स्थित प्रोसेसिंग प्लांट पर डिप्लोमेट्स द्वारा बेस्ट प्रोसेसिंग कार्य के समापन में की गई सराहना

विशाल समाचार संवाददाता

लखनऊ नगर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों हेतु पुनः एक बार उत्कृष्टता स्थापित करता नगर निगम लखनऊ शहर को एक स्वच्छ नगर के रूप में उभार रहा है। निकाय द्वारा निर्मित प्रोसेसिंग प्लांट में विगत वर्षों में किए गए कार्यों को वर्ष 2022 में भारत सरकार के अनुमोदन उपरांत संपूर्ण क्षमता 1850 टन प्रतिदिन के अनुसार स्वीकृत किया गया है तथा यह प्लांट नगर निगम लखनऊ की योजना में सम्मिलित है। वर्तमान समयावधि में प्रोसेसिंग कार्य पूर्ण रूप से संपादित किया जा रहा है। निकाय द्वारा वित्तीय वर्ष 2023–24 में प्रोसेसिंग कार्य हेतु कुल ₹106.18 करोड़ के व्यय हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की गई है। इस कार्य हेतु एकीकृत प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना के अंतर्गत ₹106.18 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति/व्यय अनुमोदन प्राप्त है।

 

निकाय द्वारा कूड़ा निस्तारण हेतु बायोमाइनिंग प्रक्रिया के माध्यम से 4000 मीट्रिक टन प्रतिदिन के मान से 4 मशीनें लगाई गई हैं। दिनांक 12.03.2024 से निकाय क्षेत्र अंतर्गत 2000 मीट्रिक टन प्रतिदिन के निस्तारण की प्रक्रिया से कुल 122.66 एकड़ क्षेत्र में निस्तारण/प्रोसेसिंग कार्य प्रारंभ किया गया है।

 

वर्तमान में 2000 मीट्रिक टन कूड़े का प्रोसेसिंग/निस्तारण किया जा रहा है। अब तक लगभग 206206.85 मीट्रिक टन मिश्रित अपशिष्ट का प्रोसेसिंग कार्य किया जा चुका है। उक्त कार्य के अंतर्गत कुल 227 मीट्रिक टन RDF (Refuse Derived Fuel), लगभग 438 मीट्रिक टन जैविक खाद एवं लगभग 0.59 मीट्रिक टन धातु के अतिरिक्त कुल 2.35 मीट्रिक टन प्लास्टिक की छंटाई कर पुनः उपयोग में लाया गया है, जो कि अपने आप में एक कीर्तिमान है।

 

नगर निगम लखनऊ द्वारा वर्तमान में प्रोसेसिंग कार्य से उत्पन्न उत्पाद से प्लांट संचालन में जलवायु परिवर्तन से निपटने हेतु ऊर्जा पुनः प्राप्त की जा रही है। निकाय द्वारा निर्मित प्लांट में लगभग 25 एकड़ भूमि पर स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत निकासी हेतु मुख्य द्वार, प्लांट में कार्यरत मशीनें एवं 2400 मीटर इंटरनल रोड सहित अन्य बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है।

 

प्रोसेसिंग प्लांट में स्वच्छता, पर्यावरणीय संतुलन, पुनर्चक्रण उत्पादों का समुचित संकलन, संग्रहण, पुनः उपयोग हेतु वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। प्रमुख रूप से नाइट्रोजन स्प्रे (NH₃), फॉगिंग, बायोफिल्टर, एयरमॉनिटरिंग उपकरण, स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु फर्स्ट एड किट एवं अन्य मापक उपकरणों को लगाया गया है।

 

निकाय द्वारा स्थापित नियंत्रण कक्ष, कंट्रोल रूम एवं 47 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी हेतु पर्यवेक्षक कर्मी की तैनाती की गई है। 24×7 निगरानी की सुविधा है।

 

निकाय द्वारा संचालित प्रोसेसिंग प्लांट को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरणीय दृष्टिकोण से देखे गए विदेशों के प्रतिनिधि दल द्वारा भ्रमण कर निरीक्षण किया गया एवं स्वच्छता के प्रति निकाय की गंभीरता को सराहा गया। प्रतिनिधियों द्वारा प्लांट की कार्यप्रणाली, गुणवत्ता एवं उत्पादों के अनुपात की प्रशंसा की गई एवं इसी तर्ज पर अन्य नगरीय निकायों में इस प्रक्रिया को अपनाने हेतु विचार किया गया।

 

यह लखनऊ नगर निगम के लिए गौरव का विषय है कि निकाय द्वारा किए गए कार्यों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों द्वारा भी सराहना मिली है एवं इस प्लांट को ‘बेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट’ की संज्ञा दी गई है। निकाय की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को स्थानीय जनमानस, शहरी विकास मंत्रालय एवं अन्य पर्यावरणीय संस्थाओं द्वारा भी सराहा गया है। निकाय द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि इस प्रोसेसिंग प्लांट की कार्यप्रणाली के अंतर्गत निकाले गए उत्पादों को पूरी तरह से बाजार में प्रयोग में लाया जाए एवं प्रोसेसिंग कार्य को और अधिक उन्नत बनाया जाए।

 

निकाय द्वारा चलाया जा रहा प्रोसेसिंग प्लांट लखनऊ नगर को स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है।

 

 

 

 

 

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