
महिला संवाद कार्यक्रम: मुख्यमंत्री ने किया महिला नेतृत्व का सम्मान, दीदियों की आकांक्षाओं पर की ऐतिहासिक घोषणाएं
पटना/सीतामढ़ी कुणाल किशोर
बिहार सरकार द्वारा संचालित “महिला संवाद कार्यक्रम” आज एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुँचा, जब माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने राज्य के सभी 38 जिलों की CLF (Cluster Level Federation) लीडर दीदियों से वर्चुअल संवाद किया। इस समीक्षात्मक बैठक का उद्देश्य था—ग्रामीण महिलाओं की आकांक्षाओं को सीधे सुनना, समझना और उन्हें राज्य की नीतियों का हिस्सा बनाना।
सीतामढ़ी जिले से यह संवाद जिला समाहरणालय स्थित वर्चुअल हॉल में आयोजित किया गया, जहाँ जिलाधिकारी श्री रिची पांडे की उपस्थिति में उप विकास आयुक्त, DRDA निदेशक, जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक, जिला स्तरीय प्रबंधक एवं सभी 17 प्रखंडों की CLF लीडर जीविका दीदियाँ शामिल रहीं। दीदियों ने आत्मविश्वास के साथ अपने क्षेत्र की महिलाओं की आकांक्षाएँ साझा कीं और सरकार की पहल के प्रति आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने इस संवाद को “महिला नेतृत्व के सम्मान और सशक्तिकरण का पर्व” बताते हुए कहा:
> “अब समय आ गया है कि महिलाओं की आवाज़ न केवल सुनी जाए, बल्कि उन्हें नीतियों का आधार बनाया जाए। महिला संवाद कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया है कि गाँव की दीदी अब नीति-निर्माण की दिशा तय करने में सक्षम है।”
मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं की भागीदारी और सुझावों के आधार पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं:
1. पेंशन राशि ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 प्रति माह की जाएगी।
2. जीविका दीदियों को दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज दर 12% से घटाकर सिर्फ 7% की जाएगी।
3. सभी जीविका कैडर के मानदेय में वृद्धि की जाएगी।
4. “दीदी की रसोई” योजना का विस्तार सभी सरकारी विभागों तक किया जाएगा।
5. हर पंचायत में “सामुदायिक विवाह भवन” का निर्माण होगा।
6. “सतत जीविकोपार्जन योजना (SJY)” का दायरा सभी वर्गों के अति गरीब परिवारों तक बढ़ाया जाएगा।
यह घोषणाएँ स्पष्ट करती हैं कि बिहार सरकार अब केवल कार्यक्रम नहीं, एक व्यापक महिला सशक्तिकरण आंदोलन चला रही है।
सीतामढ़ी जिला प्रशासन एवं जीविका टीम ने इस संवाद को ऐतिहासिक बताते हुए संकल्प दोहराया कि वे दीदियों की भागीदारी, नेतृत्व और ऊर्जा को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
> “अब दीदी बोलेगी, और सरकार सुनेगी – यही है नया बिहार!”



