
राज्य महिला आयोग की ‘आरोग्य वारी’ पहल का उद्घाटन उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल के हाथों संपन्न
महिला वारकऱियों के स्वास्थ्य को लेकर आयोग की पहल सराहनीय – चंद्रकांत पाटिल
पुणे,: आषाढ़ी वारी के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी क्रम में राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की मासिक धर्म संबंधित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, इन्सिनरेशन यूनिट्स (नष्ट करने की मशीनें) आदि की व्यवस्था करने का जो महत्वपूर्ण कदम उठाया है, वह अत्यंत सराहनीय है। उक्त विचार महाराष्ट्र के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने व्यक्त किए।
मंत्री श्री पाटिल के हाथों पुणे के निवडुंगा विठोबा मंदिर में महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग एवं पुणे महानगरपालिका द्वारा आयोजित ‘आरोग्य वारी’ उपक्रम का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे (दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से), महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर, विधायक चेतन तुपे, पूर्व विधायक सुनील टिंगरे, आयोग की सचिव नंदिनी आवडे, पीएमपीएमएल की अध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपा मुधोळ-मुंडे, पुणे मनपा के उपायुक्त संदीप कदम, सुनील बल्लाळ, पूर्व नगरसेवक विशाल धनवडे आदि मान्यवर उपस्थित थे।
वारी मार्ग पर सुविधाओं का विस्तार
मंत्री पाटिल ने जानकारी दी कि हर दिंडी को ₹20,000 का अनुदान दिया गया है और पंढरपुर में दर्शन के लिए ₹73 करोड़ की लागत से नई दर्शन बारी बनाने की मंजूरी दी गई है, जिसमें एक समय में 6,000 लोग एकत्र हो सकेंगे। बारी परिसर में बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी और स्वच्छता की सुविधाएं रहेंगी। इसके अलावा पालखी मार्ग पर चलित शौचालयों की विशेष व्यवस्था की गई है।
स्वच्छ संस्था को सैनिटरी नैपकिन वितरण में भागीदारी का सुझाव
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत एक रुपया प्रति नैपकिन की दर से 10 गुणवत्तापूर्ण नैपकिन का पैकेट केवल ₹10 में उपलब्ध है। पुणे की ‘स्वच्छ’ संस्था की महिलाएं इसे ₹5 में विक्रय कर सकती हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।
महिला आयोग की पहल से महिला वारकऱियों को राहत
डॉ. नीलम गोर्हे ने कहा कि महिला वारकऱियों की सुरक्षा व सुविधा के लिए यह उपक्रम अत्यंत सराहनीय है। राज्य सरकार ने मोबाइल टॉयलेट्स की व्यवस्था की है, जिसे और बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला को किसी द्वारा अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़े तो वह उसका 1 मिनट का वीडियो बनाकर भेज सकती है, जिस पर पुलिस द्वारा कार्यवाही की जाएगी।
हर 10-12 किमी पर सुविधाएं, हेल्पलाइन नंबर भी प्रदर्शित
महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने बताया कि इस उपक्रम के अंतर्गत देहू से आळंदी की 22 दिवसीय व मुक्ताईनगर की 30 दिवसीय वारी के मार्ग पर हर 10 से 12 किमी पर हिरकणी कक्ष, वेंडिंग मशीन, इन्सिनरेशन मशीनें आदि स्थापित की गई हैं। 3,500 नहाने के स्थान, बीट मार्शल की तैनाती और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर के फलक भी लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा, प्रगति और आत्मनिर्भरता के लिए आयोग कटिबद्ध है। उन्होंने बालविवाह व स्त्रीभ्रूण हत्या जैसे मुद्दों पर भी महिलाओं को सजग भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विधायक चेतन तुपे ने महिला अनुकूल व्यवस्था को सराहा
विधायक चेतन तुपे ने कहा कि महिला आयोग की पहल से पालखी सोहले को स्वच्छता व सुरक्षा का नया आयाम मिला है। पीएमपीएमएल द्वारा वारकऱियों को वापस लाने के लिए बस सुविधा की व्यवस्था प्रशंसनीय है।
पीएमपीएमएल की ओर से विशेष बस सेवा
दीपा मुधोळ मुंडे ने बताया कि आळंदी, देहू और सासवड जैसे स्थानों के लिए अतिरिक्त 60 बसें चलाई जा रही हैं और भीड़ के समय महिलाओं के लिए विशेष बसें चलाई जा रही हैं।
मनपा द्वारा चिकित्सा सुविधाएं और रुग्णवाहिका उपलब्ध
पुणे मनपा उपायुक्त सुनील बल्लाळ ने बताया कि महानगरपालिका क्षेत्र में संत ज्ञानेश्वर महाराज व संत तुकाराम महाराज की पालखी के लिए क्रमशः 22 व 18 चिकित्सा केंद्रों की व्यवस्था की गई है। एक अत्याधुनिक रुग्णवाहिका भी पंढरपुर तक उपलब्ध कराई गई है।
इस अवसर पर महिला आयोग द्वारा तैयार की गई एक पुस्तिका का प्रकाशन भी किया गया।


