भूमि विवादों के निस्तारण में इटावा जिला बना अग्रणी: श्रावस्ती मॉडल के तहत 162.867 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त
विशाल समाचार संवाददाता
इटावा/यूपी:उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं में शामिल जन शिकायतों व विशेष रूप से भूमि विवादों के त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान की दिशा में इटावा जनपद में सराहनीय पहल की जा रही है।
कानपुर मंडल के आयुक्त महोदय के निर्देश पर जिलाधिकारी श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल द्वारा दिनांक 05 मई 2025 से जनपद में भूमि विवादों के समाधान हेतु श्रावस्ती मॉडल पर आधारित विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है।
🔷 अभियान की मुख्य विशेषताएं:
जनपद की 6 तहसीलों एवं 20 थानों में यह अभियान हर मंगलवार व गुरुवार को नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है।
सबसे अधिक भूमि विवादों वाले ग्रामों को चिन्हित कर, 10 सदस्यीय संयुक्त टीमें मौके पर जाकर आपसी संवाद, सुलह-समझौता, जांच व पैमाईश के माध्यम से विवादों का समाधान करती हैं।
इन टीमों का नेतृत्व उप जिलाधिकारी/तहसीलदार/नायब तहसीलदार व पुलिस क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी/उप निरीक्षक द्वारा किया जाता है।
राजस्व न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों को भी इस अभियान में सम्मिलित कर जमीनी अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
📊 आज की कार्यवाही का संक्षेप:
दिनांक 19 जून 2025 को जनपद की 6 तहसीलों के अंतर्गत 11 थानों में 16 ग्रामों में अभियान चलाया गया।
कुल 96 भूमि विवादों को चिन्हित कर शत-प्रतिशत समाधान किया गया।
8.910 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त करायी गई, जिसमें शामिल हैं:
37 रास्ते,19 नालियाँ,02 तालाब,01 खलिहान,03 खाद के गड्ढे,09 नवीन परती/बंजर भूमि
05 अन्य प्रकार की भूमि
राजस्व न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में 19 मामलों का निस्तारण किया गया।
🧭 अब तक की प्रगति:
अभियान के प्रारंभ से अब तक जनपद के 207 ग्रामों में कुल 1249 प्रकरणों में भूमि विवादों का समाधान कर 162.867 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई है।
👨💼 पर्यवेक्षण व्यवस्था:
जनपद स्तर पर इस अभियान का पर्यवेक्षण अपर जिलाधिकारी (वि/रा) श्री अभिनव रंजन श्रीवास्तव द्वारा किया जा रहा है।
तहसील स्तर पर संबंधित उप जिलाधिकारी द्वारा कार्य की निगरानी की जाती है।
जिलाधिकारी श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल द्वारा जनपदवासियों से अपील की गई है कि भूमि विवादों के समाधान हेतु इस अभियान का लाभ लें और प्रशासन के साथ सहयोग करें, ताकि न्याय और शांति दोनों को स्थापित किया जा सके।



