महाराष्ट्रराजनीति

फडणवीस सरकार ‘राजधर्म’ निभाए! बसपा प्रदेश महासचिव डॉ. हुलगेश चलवादी की अपील

फडणवीस सरकार ‘राजधर्म’ निभाए!

बसपा प्रदेश महासचिव डॉ. हुलगेश चलवादी की अपील

राज्य में पंजीकृत बेरोज़गारों की संख्या पहुँची 71.7 लाख के पार

महाराष्ट्र में बेरोज़गारी की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के आँकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 के अंत तक राज्य में कुल 71.7 लाख युवाओं ने नौकरी के लिए पंजीकरण कराया है। जबकि पिछले वर्ष यह संख्या केवल 10.21 लाख थी। इसका अर्थ है कि पंजीकृत बेरोज़गारों की संख्या में सात गुना वृद्धि हुई है।

बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव और पश्चिम महाराष्ट्र ज़ोन के मुख्य प्रभारी डॉ. हुलगेश चलवादी ने गुरुवार (19 जून) को राज्य सरकार से मांग की कि देवेंद्र फडणवीस सरकार को बेरोज़गारों को उपयुक्त रोज़गार उपलब्ध कराकर ‘राजधर्म’ का पालन करना चाहिए।

 

डॉ. चलवादी ने कहा कि

> “‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर चलकर बसपा हमेशा सामाजिक और आर्थिक विकास का समर्थन करती रही है, लेकिन वर्तमान आँकड़े राज्य की आर्थिक, औद्योगिक और शैक्षणिक नीतियों पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करते हैं।”

डॉ. चलवादी ने आगे कहा कि शोषित, वंचित, उपेक्षित तथा सामान्य वर्ग के युवाओं में बढ़ती बेरोज़गारी से असंतोष बढ़ रहा है, और सरकार से इस दिशा में ठोस उपायों की अपेक्षा की जा रही है।

📊 राष्ट्रीय स्तर पर भी बेरोज़गारी में वृद्धि

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2025 में देश का कुल बेरोज़गारी दर 5.6% तक पहुँच गया है, जो अप्रैल 2025 में 5.1% था।

शहरी बेरोज़गारी दर: 17.9%

ग्रामीण बेरोज़गारी दर: 13.7%

इस बढ़ती बेरोज़गारी का सबसे अधिक असर कृषि और निर्माण कार्यों पर निर्भर जनसंख्या पर पड़ रहा है।

डॉ. चलवादी ने कहा, “महाराष्ट्र जैसा औद्योगिक रूप से समृद्ध राज्य भी अगर बेरोज़गारी में इस तरह की छलांग देख रहा है, तो यह एक चिंताजनक संकेत है। लाखों युवाओं और उनके परिवारों के सपनों को यह आँकड़े तोड़ रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकार को इस विषय की गंभीरता को समझकर रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।”

🗳️ बसपा को समर्थन का आह्वान

डॉ. चलवादी ने अपील की कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में जनता बसपा को समर्थन दे। उन्होंने वादा किया कि—

हर नगर निगम और ज़िला परिषद में प्रभावी कौशल विकास कार्यक्रम लागू किए जाएंगे,

स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा,

स्टार्टअप्स एवं महिला उद्यमियों को सहयोग देने हेतु स्थानीय स्तर पर बहुजन हित में ठोस नीतियाँ तैयार की जाएंगी।

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