सीतामढ़ीआरोग्य

परिवार नियोजन के सुदृढीकरण बनाने को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों का हुआ प्रशिक्षण

परिवार नियोजन के सुदृढीकरण बनाने को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों का हुआ प्रशिक्षण

अस्थायी साधन को प्रभावी बनाने क़ो लेकर सभी प्रसव कक्ष इंचार्ज एवं परिवार नियोजन परामर्शी को दिए गये निर्देश- प्रभारी सिविल सर्जन 

रिपोर्ट: कुणाल किशोर सीतामढ़ी

पी.पी.आई.यू.सी. पर दे विशेष ध्यान – जिला कार्यक्रम प्रबंधक

 

परिवार नियोजन के कार्यक्रम के स्थाई एवं अस्थायी साधन को प्रभावी बनाने के लिए जिले के स्वास्थ्य संस्थान के लेबर रूम में कार्यरत स्टाफ नर्स, एएनएम एवं परिवार नियोजन कॉउंसलर का पी.एस.आई. इंडिया संस्था के द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार क़ो एमसीएच बिल्डिंग सदर अस्पताल सीतामढ़ी में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंड के पीएचसी, सीएचसी, एस.डी.एच. एवं एपीएचसी के लेबर रूम में कार्यरत स्टाफ नर्स, एएनएम एवं परिवार नियोजन कॉउंसलर को परिवार नियोजन कार्यक्रम पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले अंतर्गत कार्यरत लेबर रूम के लेबर रूम इंचार्ज (स्टाफ नर्स/ए.एन.एम.) एवं परिवार नियोजन काउंसलर क़ो पीएसआई इंडिया के जिला प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह के द्वारा गर्भ निरोधक के सभी साधनों पर विस्तार पूर्वक प्रशिक्षण दिया गया साथ हीं गर्भ निरोध के उपयोग से माता स्वास्थ्य एवं शिशु स्वास्थ्य में कैसे सुधार होगा इसपर चर्चा किया गया|

प्रभारी सिविल सर्जन/ACMO सीतामढ़ी डॉ. जेड जावेद के द्वारा बताया गया की आज के प्रशिक्षण के बाद सभी लेबर रूम इंचार्ज एवं परिवार नियोजन कॉउंसलर अपने अपने संस्थान में जाकर वहाँ कार्यरत सभी स्टाफ नर्स, ए.एन.एम. एवं आशा का परिवार नियोजन कार्यक्रम पर क्षमतावर्धन करेंगे एवं परिवार नियोजन के साधनों में बेहतर उपलब्धि प्राप्त करने में भागीदारी निभाएंगे|

 

अस्थाई साधन को लेकर करें प्रचार एवं प्रसार:

जिला कार्यक्रम प्रबंधक जिला स्वास्थ्य समिति सीतामढ़ी के द्वारा बताया गया की परिवार नियोजन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शादी के बाद दो वर्ष बाद पहला बच्चा एवं दो बच्चों के बीच में तीन वर्ष का अंतराल जरूरी है इसके लिए अस्थाई साधन के उपयोग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है साथ ही साथ अस्थाई साधन के प्रचार प्रसार पर कार्य करने की जरूरत है| जिला सामुदायिक उत्प्रेरक के द्वारा बताया गया की अस्थाई साधन के उपयोग नहीं होने के कारण पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 101128 गर्भवती महिलाओं को इन्जेक्शन टी.डी. दिया गया जिसमें सिर्फ टी.डी. बूस्टर 40091 गर्भवती महिलाओं को दिया गया जो की 40% हो रहा है इससे यह प्रतीत हो रहा है कि लगभग 40% महिलाओं को अनचाहे गर्भ का सामना करना पड़ रहा है जिसे अस्थाई साधन के उपयोग से कम किया जा सकता है|

 

मौके पर ACMO, DIO, डीपीएम, डीसीएम, अस्पताल प्रबंधक, जिला प्रतिनिधि पीएसआई इंडिया के जिला प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह, अनुज मिश्रा, पिरामल के जिला लीड प्रभाकर कुमार, प्रोग्राम लीड दुर्गा प्रसाद सिंह, मारुति झा, प्रसव कक्ष इंचार्ज, स्टाफ नर्स, एएनएम, परिवार नियोजन परामर्शी व स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थें।

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