
जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यप्रणाली की समीक्षा की
“नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता; दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सभी विभाग मिलकर काम करें” – जिलाधिकारी
“पुल, साकव, सड़क, इमारतें, वाडे और विज्ञापन होर्डिंग की 7 दिन में संरचनात्मक जांच करें” – जिलाधिकारी
पुणे: मावल तालुका के कुंडमळा क्षेत्र में हाल ही में घटी दुर्घटना में 4 पर्यटकों की मृत्यु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी संभावित दुर्घटनाओं से बचने के लिए नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करना चाहिए। आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जितेंद्र डूडी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में दिए।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील, जिला पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संदीप गिल्ल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विठ्ठल बनोटे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी श्री डूडी ने दिए यह प्रमुख निर्देश:
जिले में सभी पुराने, जर्जर अथवा संभावित रूप से खतरनाक पुल, साकव, सड़कें, इमारतें, वाडे, रेल पुल और विज्ञापन होर्डिंग की 7 दिन के भीतर संरचनात्मक जांच (Structural Audit) की जाए और रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन कक्ष में जमा कराई जाए।
जांच में खतरनाक पाए गए ढांचों को तुरंत हटाया जाए और इस कार्यवाही में नागरिकों को कोई असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जाए।
सभी खतरनाक स्थलों का निरीक्षण कर चिन्हांकन किया जाए और जनता को विभिन्न माध्यमों से इसकी जानकारी दी जाए।
मानसून में जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाए, और पर्यटकों को जोखिम भरे स्थलों पर जाने से रोका जाए।
सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों पर दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं, वन विभाग की सहायता से अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति की जाए, और मॉक ड्रिल आयोजित की जाए।
तालुका स्तरीय नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय रखा जाए।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पूर्व निरीक्षण कर आवश्यक उपाय किए जाएं। नदी किनारे की झुग्गियों और अतिक्रमण को हटाया जाए।
“आपदा मित्र” स्वयंसेवकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, उनके लिए कार्यशालाएं आयोजित हों, और उत्कृष्ट कार्य हेतु उन्हें सम्मानित किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल, बिस्तर, डॉक्टर, एम्बुलेंस, ब्लड बैंक और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
गांवों में स्थापित रेन गेज स्टेशनों की स्थिति जांची जाए और उन्हें क्रियाशील किया जाए।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल और जीवनरक्षक दल तैनात किए जाएं।
बिजली विभाग द्वारा पोल, ट्रांसफॉर्मर और तारों की स्थिति की जांच की जाए।
भूस्खलन संभावित गांवों में स्थानीय प्रशासन द्वारा समय रहते चेतावनी और जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
पालखी सोहळा को लेकर विशेष निर्देश
आगामी संत तुकाराम महाराज और संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी यात्रा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि:
सड़क किनारे के अवैध विज्ञापन होर्डिंग और खतरनाक पेड़ हटाए जाएं।
सभी सड़कों की मरम्मत की जाए और गड्ढे भर दिए जाएं यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले अवरोध जल्द से जल्द हटाए जाएं।


