
सीतामढ़ी में भ्रष्टाचार उजागर करने पर रिपोर्टर को धमकी मिलने की चर्चा, सूत्रों का दावा
सीतामढ़ी, बिहार: विशेष संवाददाता
सूत्रों के अनुसार, जिले के एक प्रमुख कार्यालय में कथित घूसखोरी के मामले का खुलासा करने के बाद एक पत्रकार को गंभीर दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि संबंधित रिपोर्टर ने जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी को कार्यालय में चल रही कथित अनियमितताओं का वीडियो प्रमाण सहित दिखाया था। इसके बाद अधिकारी ने मौके पर जाकर जांच भी की, जिसमें कथित गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
सूत्रों की मानें तो, इस कार्रवाई के बाद अधिकारी द्वारा रिपोर्टर को फोन पर पांच करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी गई। साथ ही, रिपोर्टर के मोबाइल से कथित तौर पर साक्ष्य डिलीट करवा दिए गए। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्टर को पोस्ट हटाने के लिए भी दबाव डाला जा रहा है और बार-बार धमकी भरे कॉल किए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी ने कथित तौर पर अपनी उच्च स्तरीय पहुंच का हवाला देते हुए रिपोर्टर को डराने की कोशिश की। यह भी कहा जा रहा है कि रिपोर्टर और उनके परिवार को किसी भी प्रकार की अनहोनी की स्थिति में प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
सूत्रों की मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई या अन्य सक्षम एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके और प्रशासनिक पदों का दुरुपयोग न हो। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्टर फिलहाल डिफेंस में हैं और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सूत्रों ने मुख्यमंत्री बिहार से भी हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि जिले में निष्पक्ष प्रशासन और पत्रकारिता की स्वतंत्रता बनी रहे।



