सीतामढ़ी

जिला समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने दिए तकनीकी विभागों को स्पष्ट निर्देश।

जिला समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने दिए तकनीकी विभागों को स्पष्ट निर्देश।

समन्वय समिति की बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनबरसा अनुपस्थित पाए जाने पर स्पष्टीकरण के साथ उनका वेतन स्थापित करने का निर्देश।

 

सीतामढ़ी में आज जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में समाहरणालय परिचर्चा भवन में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में संचालित विकासात्मक एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना, पुल एवं पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य विभाग, विद्युत प्रमंडल, भवन निर्माण विभाग, बुडको, ब्रेडा, राष्ट्रीय उच्च पथ, पर्यटन एवं ई-किसान भवन सहित अन्य तकनीकी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

जिलाधिकारी ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं की प्रगति में आ रही बाधाओं को चिन्हित कर शीघ्र निष्पादन हेतु समन्वय स्थापित करें। उन्होंने विभिन्न योजनाओं हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस हेतु संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय कर समाधान निकालना सुनिश्चित करें।

बैठक में पुपरी एवं बेलसंड में अनुमंडल कृषि कार्यालय भवन बनाने हेतु भूमि उपलब्धता को लेकर समीक्षा की गई एवं संबंधित अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द भूमि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ताकि भवन निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।

वही नानपुर, रुन्नीसैदपुर एवं डुमरा अंचल में भूमिहीन विद्यालयों को भूमि उपलब्ध कराने हेतु संबंधित अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया की जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य विभाग के समीक्षा के क्रम में स्वास्थ्य उप केंद्र बनाने हेतु अंचलाधिकारी बथनाहा, बाजपट्टी, बोखरा, डुमरा, नानपुर पुपरी एवं रुन्नीसैदपुर सहित कुल 11 अंचलों को जमीन की उपलब्धता को लेकर शीघ्र भूमि अनापत्ति प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया गया। साथ ही अवैध मेडिकल स्टोर एवं अल्ट्रासाउंड की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वही खनन विभाग द्वारा प्राप्त रॉयल्टी की समीक्षा की गई

एवं संबंधित विभागों को रॉयल्टी जमा करने का निर्देश दिया गया।

पथ प्रमंडल की समीक्षा के क्रम में बभनगामा से गणेशपुर तक सड़क निर्माण हेतु जमीन नापी करने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया ताकि जल्द से जल्द सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया जा सके।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा, “विकास योजनाओं में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय समन्वय एवं नियमित फील्ड विजिट से ही योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सकता है। सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी को निर्देशित किया कि फील्ड विजिट के दौरान ग्रामीण सड़कों की स्थिति से अवगत होना सुनिश्चित करेंगे साथ ही इस संबंध में प्रतिवेदन भेजना सुनिश्चित करेंगे।

 

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आपदा पूर्व तैयारी के दृष्टिकोण से संबंधित विभाग अपने कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करें ताकि आगामी मानसून सत्र में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

 

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने विभागीय पदाधिकारियों को एक बार पुनः स्पष्ट किया कि वे योजनाओं की अद्यतन स्थिति से उन्हें नियमित अवगत कराएं तथा कार्य में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करें।

बैठक में उप विकास आयुक्त संदीप कुमार अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता विभागीय जाँच कुमार धनंजय, निदेशक डीआरडीए राजेश भूषण के साथ सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं विभिन्न तकनीकी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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