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CM योगी के काफिले में वकील की पिटाई मामले में एक्शन, हाईकोर्ट ने मेलाधिकारी से मांगा जवाब

CM योगी के काफिले में वकील की पिटाई मामले में एक्शन, हाईकोर्ट ने मेलाधिकारी से मांगा जवाब

विशाल समाचार संवाददाता यूपी

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले में वकील की पिटाई के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक्शन लिया है. अदालत ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज और महाकुंभ मेलाधिकारी से जवाब मांगा है.

 

Uttar Pradesh News: प्रयागराज महाकुंभ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के दौरे के दौरान वकीलों और पुलिस के बीच झड़प के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने लेटर पिटीशन पर पीआईएल कायम कर सुनवाई की है. हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज और महाकुंभ मेलाधिकारी से जवाब मांगा है. हाईकोर्ट ने सड़कों पर बेवजह बैरीकेटिंग लगाने पर नाराजगी जताई है. इस मामले पर 14 फरवरी को अगली सुनवाई होगी. जस्टिस एम सी त्रिपाठी और जस्टिस प्रशांत कुमार की डिवीजन बेंच में इस केस में सुनवाई हुई.

 

दरअसल बीते चार फरवरी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज महाकुंभ दौरे पर थे, सीएम के दौरे की वजह से हिंदू हॉस्टल चौराहे पर पुलिस ने ट्रैफिक रोक दिया था. 4 फरवरी मंगलवार को अधिवक्ता को हाईकोर्ट जाना था. रास्ता रोके जाने को लेकर अधिवक्ता और पुलिस के बीच विवाद हुआ था. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता के साथ मारपीट की थी. इस घटना के बाद अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए डीसीपी सिटी ने एक दरोगा को सस्पेंड कर दिया था.

 

 

चीफ जस्टिस से की थी दखल देने की मांग

इस मामले में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल तिवारी ने चीफ जस्टिस को लेटर पिटीशन भेजा था, उन्होंने चीफ जस्टिस से पीआईएल कायम कर मामले में दखल दिए जाने की मांग की थी. 6 फरवरी गुरुवार की सुबह हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल तिवारी ने कोर्ट में मेंशन किया था. कोर्ट ने बार एसोसिएशन से शपथ पत्र दाखिल करने को कहा, जबकि अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल को भी मौजूद रहने को कहा है.

 

 

दरअसल जिस वक्त सीएम योगी सर्किट हाउस से निकलने की तैयारी कर रहे थे. उसी समय रास्ते के सभी चौराहों को बैरिकेट कर यातायात रोका जाने लगा. हिंदू हॉस्टल चौराहे पर एक वकील ने बैरिकेट को पार करने की कोशिश की तो मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया जिस पर दोनों के बीच बहस हो गई. वहां पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने वकील को पीटना शुरू कर दिया. हालांकि, इस घटना के बाद अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर धरना प्रदर्शन किया.

 

 

 

 

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