पूणे

ह्यूंडई मोटर इंडिया फाउंडेशन के ‘आर्ट फॉर होप – सीजन3’ के तहत देशभर के 40 प्रतिभाशाली कलाकारों को मिला अनुदान

ह्यूंडई मोटर इंडिया फाउंडेशन के ‘आर्ट फॉर होप – सीजन3’ के तहत देशभर के 40 प्रतिभाशाली कलाकारों को मिला अनुदान

 विशाल समाचार संवाददाता पुणे: ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) की सीएसआर इकाई ह्यूंडई मोटर इंडिया फाउंडेशन (एचएमआईएफ) ने अपनी महत्वाकांक्षी पहल आर्ट फॉर होप‘ के तीसरे संस्करण के तहत भारत के 20 क्षेत्रों से 40 कलाकारों को अनुदान देने की घोषणा की है। लखनऊ के शुभम तिवारी इंडिया आफ्टर भगत सिंह‘ शीर्षक से अपनी थिएटर परफॉर्मेंस के साथ चार दिवसीय आर्ट फॉर होप कार्यक्रम में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं।

आर्ट फॉर होप पहल के तहत भारत की समृद्ध पारंपरिक कलाशिल्प एवं संस्कृति को पोषित एवं प्रोत्साहित करने पर फोकस किया जाता है। यह पहल देशभर की उत्कृष्ट प्रतिभाओं के लिए अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के मंच की तरह काम करती है। आर्ट फॉर होप – सीजन 3 का आयोजन नई दिल्ली के त्रिवेणी कला संगम में 28 से 31 मार्च, 2024 तक किया जाएगा। इस चार दिवसीय प्रदर्शनी एवं कार्यशाला में एचएमआईएफ से अनुदान प्राप्त करने वाले उभरते कलाकारोंयुवाओंमहिलाओंसमुदायों एवं स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा।

आर्ट फॉर होप – सीजन 3 के उद्घाटन समारोह में इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) के डायरेक्टर जनरल श्री कुमार तुहिनप्रतिष्ठित कथक नृत्यांगना एवं पद्मश्री से सम्मानित कुमारी कमलिनी एवं कुमारी नलिनी और ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ श्री उन सू किम उपस्थित रहे। ह्यूंडई के ग्लोबल विजन प्रोग्रेस फॉर ह्यूमैनिटी‘ के अनुरूप आर्ट फॉर होप‘ का उद्देश्य कला तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाना और कलाकारों को अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मकता दिखाने के लिए राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान करना है। इस पहल के अंतर्गत विजुअल आर्टडिजिटल आर्टपरफॉर्मिंग आर्टट्रेडिशनल फोक आर्ट और कल्चरल कम्युनिटी आर्ट समेत विभिन्न कलाओं को प्रोत्साहित किया जाता है।

आर्ट फॉर होप – सीजन 3 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ श्री उन सू किम ने कहा, ‘ह्यूंडई के ग्लोबल विजन प्रोग्रेस फॉर ह्यूमैनिटी‘ के तहत ह्यूंडई मोटर इंडिया फाउंडेशन वंचित समुदायों के लिए अवसर एवं आजीविका सृजित करने के लिए विभिन्न सेक्टर में काम कर रहा है। कला एवं कलाकारों के लिए सम्मान की भावना के साथ आर्ट फॉर होप के पहले दो संस्करणों में हमने कई समुदायों एवं आर्ट कलेक्टिव्स को अपने साथ जोड़ा है। इस साल हमने अपने प्रयासों को और समृद्ध किया है तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों के जीवन को समृद्ध करने के अपने प्रयास के तहत दिव्यांग कलाकारों को जोड़ते हुए अपनी पहुंच को बढ़ाया है। नई संभावनाओं के लिए हमेशा आंखें खुली रखते हुए हम समावेश और इसके साथ आने वाली अनंत संभावनाओं को समझते हैं। कलाकार हमारी दुनिया की झलक दिखाते हैं और कुछ ऐसा दिखाते हैंजिन्हें हमारी आंखें नहीं देख पाती हैं। ह्यूंडई में हम इसी अनूठे दृष्टिकोण और वर्ल्ड-व्यू को सराहते हैं।

2021 में लॉन्च की गई पहल आर्ट फॉर होप‘ देश के हर राज्य तक पहुंची है और 100 से ज्यादा कलाकार इससे लाभान्वित हुए हैं। पिछले तीन साल में एचएमआईएफ लगातार कला एवं संस्कृति के लिए समर्पित रहा है और 1.05 करोड़ रुपये के 100 अनुदान प्रदान किए हैं। इस पहल के तहत कुल निवेश 5 करोड़ रुपये से अधिक रहा है। इस पहल ने देशभर के 11,000 से ज्यादा कलाकारों एवं कारीगरों को लाभ पहुंचाया है। आर्ट फॉर होप – सीजन 3 के लिए ज्यूरी ने सख्त मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से 470 आवेदनों में से 40 कलाकारों का अनुदान के लिए चयन किया। इसमें प्रोजेक्ट कॉन्सेप्ट एवं इंपैक्टआर्टिस्ट पोर्टफोलियो और उनकी पृष्ठभूमि जैसे विभिन्न मानकों को ध्यान में रखा गया।

इस पहल के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल सामाजिकभावनात्मक एवं वित्तीय रूप से सहयोग मिलता हैबल्कि उन्हें एक ऐसा मंच भी प्राप्त होता हैजहां उनकी कला को पहचान मिलती है। इससे उनके लिए नए अवसर एवं बाजार से जुड़कर उज्ज्वल भविष्य गढ़ने का रास्ता भी खुलता है। प्रदर्शनी के दौरान 30 कलाकारों द्वारा अनुदान राशि के माध्यम से तैयार की गई पारंपरिक कला एवं शिल्पपेंटिंगआर्ट इंस्टॉलेशनफोटोग्राफ एवं परफॉर्मिंग आर्ट से जुड़ी कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। एचएमआईएफ के एबिलिटी फॉर डिग्निटी‘ प्रोग्राम के तहत 10 दिव्यांग कलाकारों की कलाकृतियां भी प्रदर्शित की जाएंगी।

यहां आने वाले दिव्यांग आगंतुकों के लिए ब्रेलटैक्टाइल आर्टवर्क्स और साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन की व्यवस्था करते हुए इस चार दिवसीय कार्यक्रम के दौरान समावेश का पूरा ध्यान रखा गया है।

अनुदान प्राप्तकर्ताओं द्वारा तैयार कलाकृतियों के प्रदर्शन के साथ-साथ युवाओं के लिए कैलिग्राफी, मास्क मेकिंग मोबाइल फोटोग्राफी, पारंपरिक पेंटिंग आदि जैसे विषयों पर वर्कशॉप एवं परिचर्चा का आयोजन भी किया जाएगा। वैश्विक होती दुनिया में कल्चरल सस्टेनेबिलिटी, समावेशी कला एवं सामाजिक बदलाव के लिए उत्प्रेरक के रूप में कला के प्रयोग की जरूरत जैसे विषय पर पैनल चर्चा भी होगी, जिसमें सांस्कृतिक एवं सामाजिक जीवन से जुड़े प्रतिष्ठित वक्ता हिस्सा लेंगे।

4 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान हाल ही में एचएमआईएफ के सहयोग से वंचित समुदाय के 50 युवाओं के लिए आयोजित ‘मायमोबाइलमूवी’ वर्कशॉप के दौरान तैयार की गई 10 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों की स्पेशल स्क्रीनिंग भी की जाएगी।

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