ट्रांसजेंडरों हेतु विधिक साक्षरता शिविर संपन्न
रीवा (MP) मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आर.सी. वाष्र्णेय के मार्गदर्शन तथा श्री विपिन कुमार लवानिया सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में एडीआर भवन रीवा में ट्रांसजेंडरों हेतु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विपिन कुमार लवानिया ने ट्रांसजेंडरों के अधिकार विषय पर अपने
विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय को वह
सभी न्यायिक एवं संवैधानिक अधिकार प्राप्त है जो देश के
आम नागरिकों को प्राप्त है। उनसे किसी भी आधार पर
भेदभाव किया जाना गैर कानूनी है व अपराध की श्रेणी में
आता है। ट्रांसजेंडरों के अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 में ट्रांसजेड़रों को पुरूष व महिला के अलावा एक अलग श्रेणी में अन्य के रूप में परिभाषित किया गया है। इनके अधिकार के संबंध में समाज के विभिन्न वर्गो को जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। स्कूल, कालेज, व अन्य सार्वजनिक स्थान समेत स्वास्थ्य विभाग से जुड़े हुए लोगों को जागरूक किया जाना महत्वपूर्ण होगा जिससे ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ कोई लिगंभेद की परिस्थिति विद्यमान न हो सके और उनके सम्मान व मानवीय गरिमा की रक्षा की जा सके। सार्वजनिक स्थल व शासकीय कार्यालयों, स्वास्थ्य विभाग व अन्य सार्वजनिक परिसरों में इस तरह की व्यवस्था स्थापित होनी चाहिए जिससे की ट्रंासजेंडरों को असहजता महसूस न हो। सार्वजनिक स्थानों के लाभ ट्रांसजेंडर पूर्ण मानवीय एवं गरिमा के साथ उठा सके तथा उनके लिए सुलभ काम्प्लेक्स जैसी व्यवस्थाओं की ओर भी ध्यान देने की आवश्यकता है ।
इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री उपेन्द्र देशवाल ने ट्रांसजेंडर के अधिकार संरक्षण कानून 2019 के विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि उनके साथ समाज में किसी भी तरह का लिंग भेद अपराध की श्रेणी में आता है और विधि विरूद्ध है। उन्होंने कहा कि उनके भी मानवाधिकार सामान्य नर एवं नारियों के समान ही है। इस अधिनियम में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत कार्य कार्यप्रणाली उपलब्ध कराने के प्रावधान शामिल किए गए है। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अभय कुमार मिश्रा ने नि:शुल्क विधिक सहायता व नालसा व सालसा की योजना की जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर शिविर में रीवा के ट्रांसजेड़र समुदाय के लोग उपस्थित रहेे।

