पूणे

बजाज फिनसर्व एएमसी ने संतुलित विकास और स्थिरता के लिए लॉन्च किया बजाज फिनसर्व इक्विटी सेविंग्स फंड

बजाज फिनसर्व एएमसी ने संतुलित विकास और स्थिरता के लिए लॉन्च किया बजाज फिनसर्व इक्विटी सेविंग्स फंड

Pune: बजाज फिनसर्व एएमसी ने आज अपने नए फंड बजाज फिनसर्व इक्विटी सेविंग्स फंड की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड योजना है, जो इक्विटी, आर्बिट्राज और डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगी। इसका NFO 28 जुलाई 2025 से शुरू होकर 11 अगस्त 2025 तक खुला रहेगा।

 

यह योजना उन निवेशकों के लिए खास है जो बाजार की उतार-चढ़ाव भरी चाल में संतुलन और स्थिरता की तलाश कर रहे हैं।

 

पारंपरिक भारतीय निवेशक लंबे समय से दो विकल्पों के बीच उलझे हुए हैं। एक तरफ फिक्स्ड डिपॉजिट और डेब्ट जैसे विकल्प हैं जो सुरक्षित तो होते हैं लेकिन महंगाई से पीछे रह जाते हैं। दूसरी तरफ इक्विटी में निवेश है जो लंबे समय में बेहतर रिटर्न दे सकता है लेकिन इनमें उतार-चढ़ाव और जोखिम भी ज्यादा होता है।

 

बजाज फिनसर्व इक्विटी सेविंग्स फंड निवेशकों को एक संतुलित रास्ता देने के लिए तैयार किया गया है। इसमें ग्रोथ देने वाले इक्विटी निवेश, कम जोखिम वाले आर्बिट्राज अवसर और नियमित आय देने वाले फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स को शामिल किया गया है। इस तरह की रणनीतिक रचना से निवेशकों को लंबे समय में पूंजी में बढ़त के साथ स्थिर आय की संभावना मिलती है, और पूरे पोर्टफोलियो में उतार-चढ़ाव भी कम रहता है।

 

फंड लॉन्च पर बात करते हुए बजाज फिनसर्व एएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर, गणेश मोहन ने कहा, “बजाज फिनसर्व इक्विटी सेविंग्स फंड निवेशकों को एक संतुलित अप्रोच के ज़रिए वित्तीय आत्मविश्वास और स्थिर वेल्थ क्रिएशन का अवसर देता है। इसमें ग्रोथ पर फोकस करने वाले इक्विटी, स्थिर डेब्ट और कम जोखिम वाले आर्बिट्राज को मिलाकर ऐसा पोर्टफोलियो बनाया गया है जो कम उतार-चढ़ाव के साथ निरंतर रिटर्न देने की क्षमता रखता है।

 

आज जब महंगाई फिक्स्ड इनकम पर असर डाल रही है और इक्विटी मार्केट्स में अनिश्चितता बनी हुई है, ऐसे समय में यह डाइवर्सिफाइड स्ट्रैटेजी रिस्क को संभालने में मदद करती है और साथ ही बेहतर रिटर्न की संभावना को भी पकड़ती है। टैक्स एफिशिएंसी एक अतिरिक्त लाभ के रूप में जुड़ता है, जिससे यह फंड अनुशासित और स्थिर लॉन्ग-टर्म सेविंग्स ग्रोथ के लिए एक स्मार्ट और ऑल-इन-वन समाधान बन जाता है।”

 

इस फंड की एक बड़ी खासियत इसका टैक्स-एफिशिएंट स्ट्रक्चर है। इसमें कुल पोर्टफोलियो का कम से कम 65% हिस्सा (आर्बिट्राज सहित) इक्विटी में बनाए रखा जाता है, जिससे यह एक इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम के रूप में मान्यता प्राप्त करता है। इसके तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स 12.5% की दर से लागू होता है, साथ ही हर वित्तीय वर्ष में ₹1.25 लाख तक के LTCG पर टैक्स छूट भी मिलती है।

 

यह स्ट्रक्चर खासकर उन निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो ऊंचे टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, क्योंकि टैक्स के बाद उन्हें पारंपरिक फिक्स्ड इनकम विकल्पों की तुलना में बेहतर रिटर्न मिल सकता है।

 

यह फंड अलग-अलग प्रकार के निवेशकों के लिए उपयुक्त है — जैसे वे जो सीमित इक्विटी एक्सपोज़र के साथ नियंत्रित जोखिम चाहते हैं, वे जो नियमित निकासी के ज़रिए स्थिर आय की तलाश में हैं, और वे जो टैक्स-एफिशिएंट, कम उतार-चढ़ाव वाले रिटर्न की चाह रखते हैं जो पूरे मार्केट साइकल में स्थिर बने रहें।

 

इसके अलावा, यह फंड सुविधा और स्थिरता दोनों प्रदान करता है। इसमें SWP (सिस्टेमैटिक विदड्रॉल प्लान) की सुविधा के ज़रिए बेहतर इनकम प्लानिंग संभव है, साथ ही कंज़र्वेटिव रणनीतियों के लिए स्मूद रीएलोकेशन और REITs व InvITs में एक्सेस भी मिलती है, जो हाइब्रिड पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन को और मज़बूत बनाती है।

 

इस संतुलित अप्रोच के ज़रिए फंड निवेशकों को टैक्स-एफिशिएंट और लॉन्ग टर्म में महंगाई को पछाड़ सकने वाले रिटर्न की संभावना देता है। साथ ही इसमें कम उतार-चढ़ाव रहता है और यह बदलते बाजार परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता भी रखता है — मंदी के समय स्थिरता बनाए रखता है और तेज़ी के दौर में ग्रोथ के मौके पकड़ने का दम रखता है।

बजाज फिनसर्व एएमसी के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, निमेश चंदन ने कहा, “बजाज फिनसर्व इक्विटी सेविंग्स फंड एक सक्रिय रूप से प्रबंधित हाइब्रिड रणनीति है, जिसे अपेक्षाकृत कंज़र्वेटिव निवेशकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह फंड निवेशकों को इक्विटी बाजार में भागीदारी का अवसर देता है, वह भी कम उतार-चढ़ाव के साथ।

नेट इक्विटी हिस्से में प्रमुख रूप से ऐसी कंपनियां शामिल होंगी जिनका ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है और जिनके शेयर की कीमतों में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होता। इक्विटी का आवंटन समय-समय पर वैल्यूएशन और अवसरों के आधार पर बदला जाएगा।

डेब्ट हिस्से की बात करें तो हम उच्च गुणवत्ता वाली सिक्योरिटीज और सरकारी बॉन्ड को प्राथमिकता देंगे, जिन्हें सक्रिय रूप से प्रबंधित किया जाएगा ताकि स्थिरता और निरंतर रिटर्न बना रहे।

वहीं, आर्बिट्राज का हिस्सा निवेशकों को हेज्ड इक्विटी एक्सपोजर देगा, जिससे कैश और फ्यूचर्स मार्केट के बीच के स्प्रेड से फायदा उठाया जा सके।”

फंड के इक्विटी हिस्से का प्रबंधन सॉर्भ गुप्ता (हेड – इक्विटी) द्वारा किया जाएगा, आर्बिट्राज का प्रबंधन इलेश सावला द्वारा, और डेब्ट पोर्शन का प्रबंधन सिद्धार्थ चौधरी (हेड – फिक्स्ड इनकम) के द्वारा किया जाएगा।

इस फंड में कोई लॉक-इन अवधि नहीं है और इसमें SIP, SWP और STP जैसे विकल्पों की सुविधा उपलब्ध है। न्यूनतम निवेश राशि ₹500 (और ₹1 के गुणक में) रखी गई है, जबकि अतिरिक्त निवेश के लिए न्यूनतम राशि ₹100 (₹1 के गुणक में) तय की गई है।

यह योजना Growth और IDCW (इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विदड्रॉवल)दोनों विकल्पों में उपलब्ध है।

 

 

 

 

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