पूणे

बैंक ऑफ़ इंडिया ने राष्ट्रव्यापी मेगा आउटरीच ,जागरूकता और ऋण संवितरण के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने के साथ किसान माह एवं किसान दिवस मनाया

बैंक ऑफ़ इंडिया ने राष्ट्रव्यापी मेगा आउटरीच ,जागरूकता और ऋण संवितरण के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने के साथ किसान माह एवं किसान दिवस मनाया

 

पुणे : भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंक ऑफ़ इंडिया ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण माह को किसान माह और राष्ट्रीयकरण दिवस अर्थात् 19 जुलाई 2025 को किसान दिवस के रूप में मनाया। इस उपलक्ष्य में पूरे भारत में, विशेष रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना आदि राज्यों में मेगा आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के दौरान देश-भर के विभिन्न अंचलों में भारतीय कृषि एवं कृषक समुदाय के महत्व को उत्सव के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री रजनीश कर्नाटक, कार्यपालक निदेशक श्री पी.आर. राजगोपाल, श्री राजीव मिश्रा और श्री सुब्रत कुमार, मुख्य महाप्रबंधकगण एवं महाप्रबंधकगण उपस्थित रहे। ये कार्यक्रम कृषि उन्नति और ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रति बैंक की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

19 जुलाई  से 2025 तक चलने वाले इन आउटरीच दौरों में किसानों के साथ संवाद सत्र, ऋण संस्वीकृति पत्रों का वितरण, वित्तीय समावेशन पर केंद्रित जागरूकता अभियान और कृषक समुदाय के लिए विशेष सरकारी योजनाओं का प्रचार शामिल है। इस मेगा आउटरीच पहल के माध्यम से, बैंक ऑफ़ इंडिया का लक्ष्य कृषि क्षेत्र के साथ अपने संबंधों को मज़बूत करना, किसानों की बदलती ज़रूरतों को समझना और नवीन एवं अनुकूलित बैंकिंग उत्पादों एवं सेवाओं के माध्यम से उन्हें अटूट समर्थन प्रदान करना है।

 

इस आउटरीच कार्यक्रम में कृषि और संबद्ध गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विशेष ज़ोर दिया गया है, जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वितरण और स्वयं सहायता समूह, डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों के लिए केंद्रित समर्थन और ट्रैक्टरों व अन्य कृषि उपकरणों के वित्तपोषण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बैंक शीत भंडारण, गोदाम अवसंरचना एवं चावल मिल, दाल मिल आदि जैसी कृषि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए ऋण की सुविधा प्रदान कर रहा है , जिसका उद्देश्य स्थायी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, उत्पादकता बढ़ाना और कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करना है।

इस अवधि के दौरान बैंक के कार्यक्रमों में डिजिटल बैंकिंग पर सेमिनार, वित्तीय साक्षरता शिविर, कृषि वित्त के लिए कृषि क्लीनिक और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), आत्मनिर्भर भारत योजना आदि जैसी सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत लाभार्थियों के नामांकन के लिए विशेष अभियान शामिल हैं।

 

बैंक ऑफ़ इंडिया देश के किसानों के प्रति प्रतिबद्ध है और साथ ही साथ कृषि विकास एवं ग्रामीण समृद्धि को समर्थन देने में अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखने हेतु भी वचनबद्ध है।

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