
डायबेटिस और ओबेसिटी मेटॅमॉर्फोसिस आंतरराष्ट्रीय परिषद संपन्न
पुणे, : पुणे में हाल ही में डायबेटिस और ओबेसिटी मेटॅमॉर्फोसिस इस आंतरराष्ट्रीय परिषद का आयोजन किया गया था. नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर की और से आयोजित इस परिषद का यह दूसरा साल है. इस परिषद का उद्घाटन एमक्युअर फार्मास्युटिकल्स की कार्यकारी संचालिका नमिता थापर, बी. जे. मेडिकल कॉलेज के औषधशास्त्र विभाग के माजी प्रमुख डॉ. डी. बी. कदम, सिकलसेल आजार व्यवस्थापन क्षेत्र में प्रवर्तक ऐसी पहचान होने वाले डॉ. सुदाम काटे, मगरपट्टा टाऊनशिप के व्यवस्थापकीय संचालक सतीश मगर, नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष और व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. दिलीप माने, संचालक डॉ. दिविज माने, समूह कार्यकारी अधिकारी डॉ.संजय पठारे, डायबेटिस विभाग प्रमुख डॉ. रीमा काशिवा, वरिष्ठ बेरियाट्रिक फिजिशियन डॉ.जॉर्जिया रेगास और प्रख्यात हृदयरोग तज्ञ डॉ.अशोक तहलियानी आदी मान्यवर उपस्थित थे.
इस परिषद में बेरियाट्रिक सर्जरी, आँकोलॉजी, कार्डिओलॉजी, पोडियाट्री, न्युरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, फिजिओथेरपी, डायटेटिक्स, इत्यादी क्षेत्र में विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया. मधुमेह और मोटापा व्यवस्थापन में नयी टेक्नोलॉजी, ट्रेंड पर उन्होंने जानकारी दी. इस परिषद में बचपन में मोटापा, उससे होने वाली जटिलता,ऑब्स्ट्रक्टीव्ह स्लीप ॲप्निआ, मोटापा व्यवस्थापन में डायट का दृष्टीकोन, अनुवंशिकता का परिणाम, मेटाबोलिक सिंड्रोम और युवा पिढी में होने वाला कर्करोग इस विषयपर अभ्यासपूर्ण सत्र में बातचीत की गयी.
प्रसिद्ध हृदयरोग तज्ञ डॉ. पी. सी. मनोरिया, न्युरोलॉजिस्ट डॉ. नस्ली इच्छापोरिया और सुदाम काटे रिसर्च फाऊंडेशन के संस्थापक संचालक डॉ. सुदाम काटे को उनके योगदान के लिए जीवनगौरव पुरस्कार से सन्मानित किया गया
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