
पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सृजन कार्यक्रम का शुभारंभ
सामुदायिक पुलिसिंग स्थापित होने पर हिंसा पर लगेगा अंकुश
ब्यूरो विशाल समाचार मऊगंज
मऊगंज . मऊगंज में पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी द्वारा सामुदायिक भागीदारी से अपराधों पर नियंत्रण और महिला सशक्तिकरण के लिए अनूठी पहल की जा रही है। इसके तहत गत दिवस सृजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मऊगंज पुलिस विभाग, अहिंसा वेलफेयर सोसायटी मऊगंज एवं समग्र जन चेतना विकास परिषद रीवा के द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक श्री सोनी ने किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किशोरियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण आवश्य लेना चाहिए। इससे उन्हें किसी भी संकट से बचने के साथ आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यह महिला सशक्तिकरण का भी प्रयास है। मऊगंज में एक किशोरी बच्चियों का सशक्त बनाने का बड़ा अच्छा अवसर है जहां 18 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मरक्षा लैंगिक सकारात्मक सोच का विकास होगा। इस दौरान सामुदायिक पुलिसिंग स्थापित होने से सामंजस्य होगा।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि महिला बाल विकास विभाग प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी निर्मला शर्मा ने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यह एक समग्र सशक्तिकरण कार्यक्रम सामुदायिक स्तर पर स्वच्छंद वातावरण स्थापित करेंगे जहां सड़क में चलते हुए हिंसा होती है वहां पर हमें उस हिंसा से बचने के उपाय मौजूद होंगे जिसमें बचाव हो सकेगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत रहना चाहिए। विद्यार्थियों विशेषकर छात्राओं को आत्मरक्षा में प्रवीण होना आवश्यक है। बच्चों से जुड़कर सामुदायिक पुलिसिंग स्थापित होगी।
कार्यक्रम का सफल संचालन अहिंसा वेलफेयर सोसायटी रीवा समन्वयक सुमित सिंह ने किया। सृजन कार्यक्रम की पृष्ठभूमि के तहत अहिंसा वेलफेयर सोसायटी मऊगंज समन्वयक सुरेन्द्र प्रसाद चतुर्वेदी ने जानकारी दी। आत्मरक्षा लैंगिक सकारात्मक कार्यों एवं नेतृत्व पल के माध्यम से किशोर और किशोरियों का सशक्तिकरण है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश की तकनीकी सहायता से शुरू की गई एक पहल है।

यह एक समग्र सशक्तिकरण कार्यक्रम है जिसे किशोर और किशोरियों को अपने समुदायों में आगे बढ़ाने और बदलाव लाने की दिशा में आत्मरक्षा आत्मविश्वास और कौशल से परिपूर्ण करने हेतु प्रारंभ किया गया है। कार्यक्रम के माध्यम से किशोर और युवाओं की क्षमता का निर्माण करना है ताकि वे अपने अंदर विभिन्न क्षमताओं जैसे स्थिति के अनुसार खुद को तैयार करना, आत्मरक्षा कौशल और अपने आत्म सम्मान की भावना को विकसित कर सकें। यह 13 वर्ष से 19 वर्ष के बालिकाओं का प्रशिक्षण है। मास्टर ट्रेनर के रूप में सुनीता चौरसिया ने बच्चों को सेल्फ डिफेंस माड्यूल अनुसार जोड़ों करांटे की ट्रेनिंग देगी। कार्यक्रम में एसडीओपी सचि पाठक, प्राचार्य उमाशंकर सोनी, सतानंद मिश्र, डां नागेन्द्र प्रसाद मिश्र, अहिंसा वेलफेयर सोसायटी मऊगंज टीम परिवेक्षक शांति पटेल, रामरतन मिश्रा, ब्राह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मऊगंज की बीके खुशबू बहन, बीके रूपा बहन, विद्यालय स्टाप, महिला बाल विकास विभाग के परिवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

