CARS24 ने 2040 तक जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं को खत्म करने के लिए लॉन्च किया ‘क्रैशफ्री इंडिया’
Pune:: भारत में हर चार मिनट में एक व्यक्ति की मृत्यु सड़क दुर्घटना में हो जाती है, यह ऐसा अदृश्य संकट है जिसे हम स्वीकार कर चुके हैं। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या हिंसा, आतंकवाद और प्राकृतिक आपदाओं में होने वाली मौतों की संख्या से भी अधिक है, इसके बावजूद इस गंभीर मुद्दे पर आवाज़ नहीं उठाई जाती।
भारत के सबसे बड़े फुल-स्टैक ऑटो-टेक प्लेटफॉर्म CARS 24 ने क्रैशफ्री इंडिया के लॉन्च के साथ इस दिशा में बदलाव की ओर कदम बढ़ाया है, इस नॉन-प्रॉफिट प्लेटफॉर्म का एक ही उद्देश्य हैः 2040 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को शून्य करना।
कंपनी पहले से पांच मुख्य क्षेत्रों में अपने बुनियादी कार्यों की शुरूआत कर चुकी हैः डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत सुधार, सड़क का डिज़ाइन, टेक्नोलॉजी एवं व्यवहार में बदलाव।
सड़कों पर होने वाली मौतें दुर्घटनाएं नहीं बल्कि ये सिस्टम की नाकामी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के 11 फीसदी मामले भारत में दर्ज किए जाते हैं, यह आंकड़ा दुनिया में सबसे अधिक है। ये सिर्फ दुर्घटनाएं नहीं है, ये इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं नियमों की खामियों, कमज़ोर कानूनों एवं आम जनता की असंवेदनशीलता का परिणाम हैं
क्रैशफ्री इंडिया निम्नलिखित क्षेत्रों में विचार-विमर्श एवं बड़े पैमाने के दीर्घकालिक समाधानों के माध्यम ये इस समस्या क समाधान के लिए प्रयास करेगाः
क्रैश डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चरः भारत के सबसे बड़े ओपन क्रैश डेटा रिपोज़िटरीज़ में से एकः जो उच्च जोखिम वाले ज़ोन एवं ब्लैकस्पॉट्स को पहचानता है, आम जनता एवं सरकारी उपयोग के लिए एआई-पावर्ड टूल्स का निर्माण करता है।
पॉलिसी इनोवेशनः परिवहन विभागां एवं कानूनी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करते हुए पैनल्टी एवं प्रभावी सुरक्षा प्रणाली के द्वारा सिस्टम को मजबूत बनाना।
लोगों के अनुकूल सड़क का डिज़ाइनः नागरिक संगठनों एवं शहरी डिज़ाइनरों के सहयोग से इंजीनियरिंग एवं लेआउट की उन समस्याओं को हल करना, जिनकी वजह से कीमती जानें चली जाती हैं।
बड़े पैमाने पर व्यवहार में बदलावः अपराधबोध, भय या दिखावे के बजाए बुनियादी एवं स्थानीय अभियानों, स्टोरीटैलिंग के ज़रिए लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना ।
सुरक्षा के लिए टेक एवं प्रोडक्ट का सदुपयोगः एपीआई एवं डिजिटल टूल्स के ज़रिए क्रैश रिकॉर्डिंग, रियल-टाईम एलर्ट को बढ़ावा देना, वाहन के रीसेल, फाइनैंसिंग एवं फ्लीट ऑपरेशन में सुरक्षा स्कोर को शामिल करना।
अच्छे समारितन कानून को समझना
क्रैशफ्री इंडिया भारत के ‘अच्छे समारितन’ कानून पर भी रोशनी डालेगा, जो दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले राहगीरों की रक्षा करता है। इस दृष्टि से कानूनी सुरक्षा के बावजूद जागरुकता एवं भरोसे की कमी है। ऐसे में यह गैर-लाभकारी संगठन कानून में जनता का विश्वास बढ़ाएगा, रिस्पॉन्स ट्रेनिंग को बढ़ावा देगा, साथ ही उन लोगों को पहचानेगा जो बेहिचक आगे बढ़कर सड़क दुर्घटना के शिकार पीड़ितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाते हैं।
यह सिर्फ एक ब्राण्ड की अवधारणा नहीं, बल्कि देश के लिए ज़रूरी हैं
CARS 24 के लिए क्रैशफ्री इंडिया इसके दीर्घकालिक दृष्टिकोण ‘बैटर ड्राइव, बैटर लाइव्स; (यानि बेहतर ड्राइव, बेहतर जीवन); का विस्तार है। इस दृष्टिकोण के अनुसार कार की खरीद एक महत्वाकांक्षा से कहीं बढ़कर है’ यह ज़िम्मेदारी और सुरक्षा के महत्व का अहसास है।
इस अवसर पर CARS 24 के सीईओ एवं सह-संस्थापक विक्रम चोपड़ा ने कहा, ‘‘हमने एक ऐसी कंपनी का निर्माण किया है, जो भारत में कार की खरीद से जुड़े तकरीबन हर पहलु को प्रभावित करती है। लेकिन अगर हम सिर्फ खरीद-बिक्री तक पहुंच कर रुक जाएं, तो इसका अर्थ यह है कि हम समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को पूरी तरह से नहीं निभा रहे हैं।’
क्रैशफ्री इंडिया हमारा अब तक का सबसे महत्वपूर्ण कदम है, जो न सिर्फ हमारे कारोबार को बल्कि भारत को भी बेहतर बनाएगा। एक ऐसे समाज का निर्माण करेगा जहां किसी भी माता-पिता को ओवरस्पीडिंग, शराब पिए ड्राइवर या सिगनल तोड़ने वाले ड्राइवर की वजह से अपने बच्चे की जान नहीं गंवानी पड़ेगी। हमें जल्द से जल्द शून्य के आंकड़े तक पहुंचना है। हम इस दिशा में आगे बढ़ना कभी नहीं रुकेंगे।’
सड़क सुरक्षा के विशेषज्ञों द्वारा निर्मित
क्रैशफ्री इंडिया की स्थापना विज़न ज़ीरो ट्रस्ट द्वारा भारत के सबसे बड़े युवा-उन्मुख सड़क सुरक्षा अभियान इंडियन रोड सेफ्टी काउन्सिल के सह-संस्थापकों एवं सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों, अमर श्रीवास्तव एवं दीपांशु गुप्ता की सलाह के साथ की गई है। नीतियों एवं बुनियादी मोबिलाइज़ेशन में उनका अनुभव इन्फ्रास्ट्रक्चर, कानूनी प्रवर्तन एवं आम जनता के व्यवहार से जुड़े मुद्दां को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य एकदम स्पष्ट हैः खामियों को दूर कर ऐसे मजबूत एवं स्थायी सिस्टम का निर्माण करना जो कारगर हो।’
आपसी सहयोग के लिए आह्वान
क्रैशफ्री इंडिया अब लाईव हो चुका है और सरकार, एनजीओ, स्टार्ट-अप्स, विचारकों, शहरी नियोजकों, अकादमिक संस्थानों एवं नागरिकों के सहयोग से अपने उद्देश्य की ओर काम करने के लिए तैयार है, जो देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।
साझेदारी, योगदान एवं उच्च जोखिम वाले ज़ोन के बारे में रिपोर्ट करने के लिए विज़िट करें www.crashfreeindia.org.


