
ज्येष्ठ वारकऱ्याओं को मिला ‘जगद्गुरु संत शिरोमणी तुकाराम महाराज जीवनगौरव पुरस्कार 2025’ — पुणे में भव्य सम्मान समारोह संपन्न
पुणे:पुण्यनगरी में आज संत तुकाराम महाराज पालखी सोहळे के पावन अवसर पर विश्वभूषण डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक महोत्सव समिती, पुणे द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह में वारकरी संप्रदाय, सामाजिक सेवा, भजन-कीर्तन, संतसेवा व कला के क्षेत्र में विशेष योगदान देनेवाले वरिष्ठ वारकऱ्याओं को ‘जगद्गुरु संत शिरोमणी तुकाराम महाराज जीवनगौरव पुरस्कार 2025’ से सम्मानित किया गया।
इस वर्ष यह प्रतिष्ठित सम्मान निम्न विभूतियों को प्रदान किया गया —
कुसुमताई बलभीम डमाल (भजनी गायिका, औधरोड)
विनायक साळुंके (मरणोत्तर – पुरस्कार उनकी पत्नी सुलोचनाताई साळुंके ने ग्रहण किया)
भरत रामचंद्र गायकवाड (दत्त सेवक, बोपोडी)
ह. भ. प. संतोष रुद्रया स्वामी (विजेकरी, बोपोडी)
ह. भ. प. रवि वसंत जावीर (तबला वादक)
पुरस्कार वितरण समारोह पालखी विसावा, बोपोडी (मेट्रो स्टेशन के पास) में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता संत तुकाराम महाराज पालखी सोहळे के अध्यक्ष उमेश मोरे ने की। कार्यक्रम में विधानसभा सदस्य सिद्धार्थ शिरोळे, पूर्व नगरसेवक सनी निम्हण, पूर्व उपमहापौर सुनीता वाडेकर, तथा समिति के अध्यक्ष परशुराम वाडेकर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विश्वभूषण डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक महोत्सव समिती एवं निसर्ग उपचार केंद्र, पुणे के संयुक्त उपक्रम के अंतर्गत पालखी में शामिल थके हुए वारकऱ्याओं के लिए निःशुल्क मालिश सेवा उपलब्ध कराई गई, जिसका सैकड़ों वारकऱ्याओं ने लाभ उठाया।
कार्यक्रम को भक्ति रस से सराबोर करते हुए स्थानीय भजनी मंडलों ने अभंग, कीर्तन व भजन की प्रस्तुति दी। वहीं सुप्रसिद्ध गायक-संगीतकार स्वरूप भालवणकर ने हाल ही में रिलीज़ हुआ उनका भजन “विठ्ठल नामात होऊनिया दंग” प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम स्थल पर स्थापित 30 फीट ऊँची विठ्ठल मूर्ति श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम का संचालन समिती के सचिव दीपक म्हस्के द्वारा किया गया। समारोह ने वारकरी परंपरा, संत सेवा और सामाजिक समरसता का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।


