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आषाढ़ी वारी के पावन अवसर पर गायक-संगीतकार स्वरूप भालवणकर का भक्तिगीत ‘विठ्ठल नामात होऊनिया दंग’ दर्शकों के सामने पेश 

आषाढ़ी वारी के पावन अवसर पर गायक-संगीतकार स्वरूप भालवणकर का भक्तिगीत ‘विठ्ठल नामात होऊनिया दंग’ दर्शकों के सामने पेश 

 

वारी में स्वयं भाग लेकर गीत का प्रचार करेंगे गायक स्वरूप भालवणकर

 

पुणे, डीएस तोमर 

मराठी और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय प्रसिद्ध गायक व संगीतकार स्वरूप भालवणकर का नया भक्तिगीत ‘विठ्ठल नामात होऊनिया दंग’ आषाढ़ी वारी के अवसर पर रिलीज़ हो रहा है। इस गीत के बोल, संगीत और गायन स्वयं स्वरूप भालवणकर ने किया है।

 

पुणे श्रमिक पत्रकार संघ में आयोजित पत्रकार परिषद में स्वरूप भालवणकर ने जानकारी दी कि यह गीत केवल डिजिटल रूप से रिलीज़ नहीं किया जा रहा, बल्कि वे स्वयं आषाढ़ी वारी में शामिल होकर इस गीत का जन-जन तक प्रचार करेंगे।

 

इस अवसर पर अखिल भारतीय मराठी चित्रपट महामंडल के अध्यक्ष मेघराज राजेभोसले, भाजपा कोथरुड दक्षिण विभाग के सरचिटणीस व उद्यमी गिरीश खत्री, सोनू म्यूज़िक कंपनी के संचालक मारुति चव्हाण, और ‘नटीने मारली मिठी’ गीत फेम अभिनेता-निर्देशक प्रकाश धिंडले समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

 

भालवणकर ने कहा, “मैं मूलतः पंढरपुर का रहने वाला हूँ। हमारे घर में कीर्तन की परंपरा रही है। भक्ति संगीत से मेरा जुड़ाव बचपन से है। आज मैं बॉलीवुड में सक्रिय हूँ, लेकिन मेरी आत्मा हमेशा अभंग और कीर्तन से जुड़ी रही है। इसी आत्मीयता से यह गीत बनाया गया है।”

 

इस गीत में उनके साथ सहगायिका संजना अरुण की आवाज़ है। प्रसिद्ध रिदम अरेंजर सचिन धामणकर (जिन्होंने आशा भोसले और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ भी कार्य किया है) और संगीत संयोजक मिलिंद वानखेडे ने इसमें योगदान दिया है।

 

भालवणकर बताते हैं कि उन्होंने बचपन में अपनी दादी से विठ्ठलनाम की ओवियां और अभंग सुने थे, जिससे विठोबा के साथ उनका एक आत्मीय रिश्ता जुड़ गया। यह गीत उसी श्रद्धा की संगीतमय अभिव्यक्ति है, जिसमें परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम है।

 

यह गीत ‘अनेरा एंटरटेनमेंट’ के माध्यम से रिलीज़ किया जा रहा है, जो उनके माता-पिता – सेवानिवृत्त एसीपी आनंद भालवणकर और मुख्याध्यापिका अंजली भालवणकर – द्वारा स्थापित संस्था है। इस संस्था का उद्देश्य नवोदित कलाकारों को मंच प्रदान करना है।

 

स्वरूप भालवणकर अब तक ‘एक रिश्ता’, ‘क्लासमेट’, ‘शुभमंगल सावधान’ समेत 15 से अधिक हिंदी और मराठी फिल्मों में पार्श्वगायन कर चुके हैं। उन्होंने पद्मविभूषण उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली है, और सुदेश भोसले, उस्ताद तौफिक कुरैशी, बली ब्रह्मभट्ट, जॉनी लिवर और लोकप्रिय गीतकार कुमार जैसे दिग्गजों से मार्गदर्शन प्राप्त किया है।

 

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