सीतामढ़ी

जन सुराज पार्टी सीतामढ़ी जिला अध्यक्ष ने बताया पक्ष, विपक्ष दोनों बिहार में फेल है इसलिए बिहार के लोगों के लिए जनसुराज ही विकल्प है,

जन सुराज पार्टी सीतामढ़ी जिला अध्यक्ष ने बताया पक्ष, विपक्ष दोनों बिहार में फेल है इसलिए बिहार के लोगों के लिए जनसुराज ही विकल्प है,

विकेश कुमार पुर्वे सीतामढ़ी 

बिहार में जातीय #जनगणना के आंकड़े 7 नवंबर, 2023 को #विधानसभा के पटल पर रखे गए थे। 22 नवंबर, 2023 को सरकार ने जाति #जनगणना के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की थी। लेकिन #सरकार की घोषणाएं कभी जमीन पर लागू नहीं हुई। जन सुराज सरकार से जातीय #जनगणना और भूमि सर्वे को लेकर पूरे बिहार में #आंदोलन करने जा रहा है। #सरकार से हमारे कुछ सवाल हैं –

 

1. बिहार #सरकार जातीय जनगणना और भूमि सर्वे पर श्वेत पत्र जारी करे।

 

2. जातीय #जनगणना रिपोर्ट में आरक्षण बढ़ाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन अब तक #आरक्षण की सीमा नहीं बढ़ाई गई है। सरकार इस पर #अपनी स्थिति स्पष्ट करे।

 

3. #सरकार ने 22 नवंबर 2023 को घोषणा की थी कि 94 लाख परिवारों को रोजगार के लिए 2 #लाख रुपए की सहायता दी #जाएगी, अभी तक एक भी परिवार को 1 पैसा नहीं मिला है, क्यों?

 

4. सरकार ने #जातीय जनगणना में घोषणा की थी कि 40 लाख बेघर परिवारों को 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। अभी तक वो भी सहायता नहीं मिली है, क्यों?

 

5. 2006 में नीतीश सरकार ने दलित विकास मिशन की शुरुआत की थी और 2008 में भूमिहीन दलितों को 3 डिसमिल जमीन देने का वादा किया गया था। अबतक केवल 2 लाख 34 हजार दलित परिवारों को ही जमीन दी गई है और उसमें भी 1 लाख 20 हजार परिवारों को जमीन का कब्जा नहीं मिला है, इसका जवाब दे सरकार।

6. 2013 ने फरवरी 2025 के बीच मात्र 20 प्रतिशत जमीनों का ही डिजिटाइजेशन हुआ है, जबकि आंध्र प्रदेश में 80 प्रतिशत जमीन डिजिटाइज हो चुकी है, सरकार अबतक डिजिटाइजेशन क्यों नहीं करा पाई है?

 

7. जमीन सर्वे के नाम नीचे अधिकारियों ने भ्रष्टाचार के माध्यम से गरीब जनता को लूट रही है। विभिन्न सरकारी पदों जैसे कि CO के लिए के लाखों रुपए की रिश्वत ली जा रही है।

 

8. बिहार अपराध बढ़ने के दो प्रमुख कारण हैं – एक शराबबंदी और दूसरा जमीन सर्वे। बिहार में 60 प्रतिशत से ज्यादा क्राइम के मामले जमीन विवाद से जुड़े हैं।

 

8. जन सुराज जातीय जनगणना रिपोर्ट में किए गए वादों और भूमि सर्वे हुई अनियमितताओं के खिलाफ सरकार से जवाब मांग रहा है।

 

9. जन सुराज 11 मई से बिहार के 40 हजार से भी ज्यादा गांवों में इन मुद्दों पर बैठकों का आयोजन कर हस्ताक्षर अभियान चलाएगा।

 

10. 11 जुलाई को जन सुराज के सदस्य 1 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर के साथ राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जाएंगे और इससे भी बात नहीं बनी तो चुनाव से पहले विधानसभा के अंतिम सत्र का घेराव किया जाएगा।

 

 

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