सीतामढ़ी

राज्य सूचना आयोग ने लापरवाही पर सोनबरसा वर्तमान बीडीओ और पूर्व बीडीओ दोनों के उपर जुर्माना लगाया है ।

राज्य सूचना आयोग ने लापरवाही पर सोनबरसा वर्तमान बीडीओ और पूर्व बीडीओ दोनों के उपर जुर्माना लगाया है ।

 

पहले भी सोनबरसा के बीडीओ सत्येंद्र कुमार यादव पर मधुबनी के रहिका प्रखंड के बीडीओ रहते सूचना नही देने पर जुर्माना लगाया गया था ।

 

सीतामढ़ी डीएम और कोषागार पदाधिकारी को आदेशित करते हुए बीडीओ के वेतन निकासी से पहले ही अर्थदंड को संबंधित कोश में जमा करने को कहा गया है ।

 

 

सीतामढ़ी : राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार कानून में सूचना मांगे जाने के बाद भी पांच वर्षों में भी सूचना उपलब्ध नहीं कराने के लिए सोनबरसा के तत्कालीन बीडीओ ओमप्रकाश यादव और वर्तमान बीडीओ सत्येंद्र कुमार यादव को दोषी माना है। दोनो बीडीओ को पांच पांच हजार का अर्थदंड सुनाते हुए,सीतामढ़ी डीएम और कोषागार पदाधिकारी को आदेशित करते हुए बीडीओ के वेतन निकासी से पहले ही अर्थदंड को संबंधित कोश में जमा करने को कहा गया है । हालाकि आयोग से स्पष्टीकरण भी पूछा था,जिसके जबाव से आयोग संतुष्ट नहीं हुए,और पत्र में साफ साफ जीकर है की दोनो ही बीडीओ सूचना के अधिकार कानून को गंभीरता से नहीं ले रहे है। बीडीओ को आदेश दिया गया है की आवास योजना में मांगी गई जानकारी को सही सही आवेदनकर्ता को उपलब्ध कराए। साथ ही सीतामढ़ी डीएम को आदेशित करते हुए कहा गया है की,बीडीओ ओमप्रकाश यादव अभी जहां भी पोस्टेड हैं वहां की जानकारी लेकर वहां के संबंधित जिला अधिकारी को पत्र देकर आगामी वेतन निकासी से पहले उनके वेतन से भी अर्थदंड की राशि संबंधित कोश ने जमा करवाया जाए। पहले भी सोनबरसा के बीडीओ सत्येंद्र कुमार यादव पर मधुबनी के रहिका प्रखंड के बीडीओ रहते सूचना नही देने पर जुर्माना लगाया गया था ।

मालूम हो की , सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत भुतही के चिरैया मोड़ निवासी आरटीआई कार्यकर्ता यदुवंश पंजियार ने 31 दिसंबर 2020 को वार्ड नंबर दस का प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभुकों की सूची मांगा था।पांच वर्ष टालने के बाद जब आयोग सख्त हुआ तब आवास सहायक चंद्रभूषण ने सूची उपलब्ध कराया लेकिन यदुवंश ने अपने जांच में उसे अधूरा पाया । अंततः 13 जनवरी के आदेश में आयोग ने दोनो बीडीओ को जुर्माना लगाया है । और आगे भी सूचना सही सही उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है की,अपीलार्थी को पंद्रह दिन के अंदर संतुष्टि के लिए उनके वार्ड से संबंधित उक्त योजना से संबंधित जो भी अभिलेख उपलब्ध है उनका निरीक्षण करवाया जाए ।

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