
9 सूत्री मांगों को लेकर दस वें दिन भी जारी रही आशा की अनिश्चितकालीन हड़ताल, अस्पताल के कार्य बाधित
सीतामढ़ी संवाददाता पुरुषोत्तम कुमार रिपोर्ट
सुप्पी समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर इन दिनों आशाओं ने नीतीश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यगेट क़ो आंशिक रूप से बंद कर रखा था। इस दौरान अस्पताल की इमरजेंसी सेवा छोड़ कर अन्य सभी सेवाएं बाधित है। आशा संघ के जिला अध्यक्ष चंद्रकला देवी प्रखंड अध्यक्ष बबिता देवी , सचिव संगिता सिंह के आह्वान पर राज्यव्यापी हड़ताल आशा एवं आशा फैसलेटर के सह सहमति से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मौके पर राजो देवी, दयआवन्ति देवी, पुजा कुमारी, बबिता कुमारी, गायत्री देवी सुनयना देवी, रेणु देवी, मंजु देवी, रेणु कुमारी, उषा देवी, कान्ति देवी, बबिता देवी, अंजु देवी , मंजू कुमारी सहित दर्जनों आशा फैसलेटर शामिल हैं । कार्यकर्ता संघ के आह्वान पर सभी आशा कार्यकर्ता अपने 9 सूत्री मांगों को लेकर दसवें दिन भी सीएचसी के मेन गेट पर ताला जड़कर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठीं हैं। हड़ताल के शुरुआती दिनों में पहले इमरजेंसी और ओपीडी खुला रहता था। लेकिन बाद में आशा कार्यकर्ता फेसिलेटरों ने धरना के दौरान इसे भी बाधित कर दिया है। टीकाकरण, ओपीडी, बच्चों को पड़ने वाले आरआई वैक्सीन सहित बाकी सभी कार्य बाधित हो गया है।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधित सभी कार्यों सफल बनाने में हमलोगों की भागेदारी रहती है। हम सभी आशा कार्यकर्ता फेसिलेटर अस्पताल के सभी कार्यक्रमों व योजनाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लेतीं हैं। जबकि अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए रविवार को दस दिन हो चुका है। हड़ताल दस वें दिन बीतने के बावजूद भी सुप्पी चिकित्सा प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता और सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाने से उनमें रोष देखा गया। इसके अलावा सीतामढ़ी के अन्य प्रखंडों में आशा कार्यकर्ताओं का हड़ताल जारी है। सरकारी सेवक घोषित करने समेत 9 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रही आशा कार्य सरकारी सेवक घोषित करने 15 हजार रुपये मासिक मानदेय लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल जारी है।



