
केन्द्रीय जेल में योग एवं ध्यान शिविर संपन्न
रीवा एमपी: केन्द्रीय जेल में परिरूद्ध बंदियों के लिए तीन दिवसीय योग एवं ध्यान सत्संग शिविर 26 अप्रैल से 28 अप्रैल तक आयोजित किया गया। जेल में उपस्थित योगाचार्या ने बंदियों को सर्वप्रथम ईश्वर की आराधना, ध्यान, सत्संग प्रवचन, प्रार्थना का आयोजन किया। इसके उपरान्त उन्हें स्वस्थ्य रहने के लिए योग प्राणायाम आसन, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान समाधि की विस्तृत जानकारी दी एवं औषधीय जड़ी बूटी का प्रयोग करने की विधि बताई। साध्य-असाध्य रोगों के निदान के लिए उन्हें आयुर्वेद औषधि का प्रयोग करने के लिये प्रोत्साहित किया गया। योग के 8 प्राणायाम जिसमें भ्रस्तिका, कपाल भाती, बाम्हा प्राणायाम, उज्जायी, अनुलोम – विलोम, भ्रामरी, उदगीत, मौन के बारे में जानकारी दी गई। वरिष्ठ कल्याण अधिकारी डी.के. सारस द्वारा बंदियों को राज्य आनंद संस्थान की जानकारी देकर आनंद सभा के माध्यम से प्रतिदिन आनंद की अनुभूति कराई गई। बंदियों को उनके प्रकरण में पैरवी के लिए नि:शुल्क अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से अधिवक्ता प्राप्त कर अपने प्रकरण में सहायता प्राप्त करने की जानकारी दी गई। बंदियों के पैरोल एवं समय पूर्व मुक्ति के प्रावधानों की जानकारी दी गई। बंदियों ने इस कार्यक्रम में सुंदर गीत, भजन तथा बैण्ड की धुन में गीत एवं संगीत के माध्यम से नृत्य का आनंद लिया। नवनियुक्त महिला प्रहरी-प्रियंका तिवारी, संगीता प्रजापति, किरण मिश्रा ने भी कार्यक्रम में गीत एवं भजन प्रस्तुत किया। जेल अधीक्षक सतीश उपाध्याय सहित वरिष्ठ जेल उप अधीक्षक रविशंकर सिंह, राघवेश अग्निहोत्री एवं सहायक अधीक्षक संजू नायक, प्रशांत चौहान एवं डियूटीरत मुख्य प्रहरी तथा प्रहरीगण ने बंदियों को अनुशासन में रखकर योग के आयोजन में शामिल कराया।
भारतीय मानव अधिकार एसोशियेशन के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार एवं दिव्य योग संस्थान इकाई के अध्यक्ष अभिषेक, एवं सदस्य शिवचरण तथा भारतीय सिन्धु सभा रीवा ईकाई महिला शाखा की प्रमुख हरिप्रिया, रीता, साधना, राजकुमारी तथा सामाजिक कार्यकर्ता प्रतिभा सिंह शामिल रहीं।

