रीवा

क्षेत्र के विकास के लिये पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत किया जाना आवश्यक – उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल

क्षेत्र के विकास के लिये पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत किया जाना आवश्यक – उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल

रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के समापन दिवस पर पर्यटन विकास के विभिन्न आयामों पर हुई चर्चा

 

रीवा आलोक कुमार तिवारी. उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिये पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत किया जाना आवश्यक है। शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाओं की पूर्ति करते हुए पर्यटन के विकास से रोजगार सृजित होंगे और विन्ध्य उन्नति के शिखर पर होगा। उप मुख्यमंत्री ने उक्त उद्गार रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के समापन दिवस पर आयोजित प्रथम सत्र में व्यक्त किये।

कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में रीवा के पर्यटन में वन्य एवं हेरीटेज विषय पर आयोजित प्रथम सत्र में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जंगल की अधिकता है। यहाँ टाइगर रिजर्व, वन्य अभयारण्य तथा राष्ट्रीय उद्यान है। रीवा का सफेद बाघ विश्व प्रसिद्ध है। उन्होंने निवेशकों का आह्वान किया कि रीवा एवं विन्ध्य में पर्यटन की अपार संभावनाओं को दृष्टिगत रख आगे आयें। शासन स्तर से विशिष्ट अनुभव व सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने रीजनल इन्वेस्टर कॉन्क्लेव की सफलता के बाद रीजनल पर्यटन कॉन्क्लेव का आयोजन आरंभ किया है। विन्ध्य से इसकी शुरूआत हुई है। इससे पर्यटन में वृद्धि के साथ सभी हितधारकों में जागरूकता पैदा होगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि ऐसी परिस्थिति तंत्र बनाना जहाँ निवेश सुरक्षित हो, प्रक्रिया सुगम हो तथा विकास समावेशी हो। श्री शुक्ल ने कहा कि नदियों को जोड़ने से बाढ़ की संभावना नहीं रहती इस दिशा में प्रयास जारी है।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं। हेलीसर्विस भी इस दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश उत्तरदायी व सुरक्षित पर्यटन में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल जी के नेतृत्व में विन्ध्य विकास के साथ पर्यटन की ऊंचाईओं को छुएगा। श्री लोधी ने निवेशकों को निवेश के लिये आमंत्रित किया तथा कहा कि प्रदेश सरकार हर संभव मदद के लिये संकल्पित है। प्रमुख सचिव पर्यटन शिव शेखर शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में पुरातत्व संरक्षित है जरूरत है कि इसे संवार कर दुनिया को दिखाया जाय। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के सभी स्तर पर कार्य हो रहे हैं। पर्यटन व संस्कृति मुख्यमंत्री जी के मन में बसती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा के विकसित व व्यवस्थित करने के लिये अनेक कार्य कर रहे है आने वाले 15 वर्षों में रीवा का बेहतर से बेहतर स्वरूप देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि माँ गंगा से माँ नर्मदा तक थीम पर श्रद्धालुओं को रीवा होकर मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण है।

रीजनल पर्यटन कान्क्लेव के समापन दिवस पर आयोजित तीन सत्रों में पूर्व मंत्री श्री पुष्पराज सिंह भी द्वितीय सत्र में उपस्थित रहे। इस दौरान समग्र पर्यटन अनुभव विषय पर विस्तार से विचार विमर्श हुआ। इस दौरान राज्य पर्यटन विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी ने अतिथियों को पर्यटन की संभावनाओं से परिचित कराया। समापन दिवस पर आयोजित सत्रों में डेलीगेट्स श्री राकेश माथुर, श्री रिषी सूर्या पुरी, श्री अतुल पाण्डेय, डॉ. अनुपम सहाय, समीर बजाज, रोहित चोपड़ा, अनिल अग्रवाल, सिद्धर्थ जोशी, गजेन्द्र सिंह, अमित दिग्विजय सिंह, महेन्द्र प्रताप सिंह तथा फिल्म कलाकार मुकेश तिवारी में अपने विचार व्यक्त किये। इस दौरान अतिरिक्त प्रबंध संचालक विदिशा मुकर्जी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों से आये प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिये। पर्यटन मंत्री ने प्राप्त सुझावों को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिये। इस दौरान कमिश्नर बीएस जामोद, आईजी गौरव राजपूत, डीआईजी राजेश सिंह, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, आयुक्त नगर निगम डॉ. सौरभ सोनवणे सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर सहित प्रशासनिक अधिकारी व प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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