
मेडट्रॉनिक अगले 5 वर्षों में पुणे में नए ग्लोबल डायबिटीज़ सेंटर पर करेगा 50 मिलियन डॉलर का निवेश
पुणे: वैश्विक हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी कंपनी मेडट्रॉनिक पीएलसी ने भारत में अपने डायबिटीज व्यवसाय के लिए पुणे में एक नया ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) शुरू किया है। इस केंद्र की स्थापना और विस्तार के लिए कंपनी अगले पांच वर्षों में 50 मिलियन डॉलर का निवेश करेगी। नवाचार और परिचालन उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस केंद्र में पहले वर्ष में सर्विस और सॉफ्टवेयर से जुड़े 300 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इसे अगले चार वर्षों में दोगुना करने की योजना है।
पिछले चार दशकों से मेडट्रॉनिक का डायबिटीज़ व्यवसाय नवाचारों के माध्यम से मधुमेह से जूझ रहे लोगों की मदद करता आ रहा है, ताकि न केवल उनके इलाज के नतीजे बेहतर हों, बल्कि वे अपनी ज़िंदगी को बिना इस बीमारी की चिंता के जी सकें। पुणे में स्थापित यह अत्याधुनिक, विश्वस्तरीय सेंटर कंपनी के इसी मिशन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो बेहतर समाधान और सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को साकार करेगा।
डायबिटीज़ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में काम करेगा। यह ग्राहक सेवा, एडवांस्ड एनालिटिक्स, डिजिटल तकनीकी सेवाओं को मजबूत बनाएगा, साथ ही मरीजों से जुड़ी वित्तीय सेवाओं और ऑपरेशन्स को भी सहयोग देगा। भारत में इस विस्तार के साथ इन सभी क्षेत्रों में विविध रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) जैसे-जैसे वैश्विक व्यवसाय के परिदृश्य को नया आकार दे रहे हैं, भारत इस क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के अनुसार, देश का GCC मार्केट 2030 तक 100 बिलियन डॉलर को पार कर सकता है और इससे 25 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है। प्रमुख लोकेशनों में पुणे ने खुद को एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित किया है, जहां स्किल्ड टैलेंट पूल, मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम और एक जीवंत स्टार्टअप संस्कृति मौजूद है।
उद्घाटन के मौके पर मेडट्रॉनिक डायबिटीज़ एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (ईवीपी) और प्रेसिडेंट, क्यू डालारा ने कहा, “भारत ने हाल के वर्षों में खुद को एक मज़बूत ग्लोबल IT हब के रूप में साबित किया है। पुणे और भारत के अन्य हिस्सों में जो बेहतरीन टैलेंट है, वह हमारे उस मकसद के साथ मेल खाता है, जिसमें हम डायबिटीज़ से जूझ रहे लोगों को ऐसा समाधान देना चाहते हैं जो उनका जीवन आसान बना सके। यह नया सेंटर सिर्फ कंपनी के विस्तार का हिस्सा नहीं है, बल्कि दुनिया भर में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक आसान और असरदार डायबिटीज़ केयर पहुँचाने की हमारी कोशिश का एक अहम कदम है।”
विजेंद्र सिंह, साइट डायरेक्टर – मेडट्रॉनिक डायबिटीज़ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर इंडिया एवं सीनियर कस्टमर सर्विस डायरेक्टर ने कहा,“इस सेंटर का उद्घाटन न सिर्फ हमारी क्षमताओं को बढ़ाता है, बल्कि दुनियाभर में डायबिटीज़ मैनेजमेंट में बदलाव लाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी मज़बूत करता है। हम संचालन में उत्कृष्टता के ज़रिए बेहतर परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और स्थानीय संस्थाओं के साथ मिलकर हेल्थकेयर में सार्थक बदलाव लाने और इस क्षेत्र में प्रतिभाओं के लिए नए अवसर बनाने की दिशा में काम करेंगे।”
यह महत्वपूर्ण निवेश भारत के हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने के प्रति मेडट्रॉनिक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल देश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की बढ़ती मांग को समर्थन देता है, बल्कि संचालन को अधिक प्रभावी बनाकर नवाचार को प्रोत्साहित करता है और मरीजों के लिए बेहतर इलाज के परिणाम सुनिश्चित करता है।
मेडट्रॉनिक ने हाल ही में घोषणा की है कि वह अपने डायबिटीज़ व्यवसाय को एक स्वतंत्र, सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी के रूप में अलग करेगी। यह नई कंपनी अपने स्वतंत्र रूप में ‘मिनीमेड’ के नाम से परिचालन शुरू करेगी।


