समरस व एकरूप बनाया – स्वामी तुलसीदास
रीवा (विशाल समाचार)प्रशासन के सहयोग से जन अभियान परिषद द्वारा पूरे प्रदेश में आदिगुरू शंकराचार्य के जीवन तथा अद्वैत दर्शन पर आधारित कार्यक्रमों का लगातार आयोजन किया जा रहा है। क्रम में जवा विकासखण्ड के पनवार कुटी आश्रम में आयोजित व्याख्यान माला का शुभारंभ पूज्य संत स्वामी तुलसीदास जी ने किया। इस अवसर पर स्वामी तुलसीदास जी ने कहा कि आदिगुरू शंकराचार्य ने जहाँ एक ओर भारतीय समाज को अद्वैत दर्शन के विचार दिए, वहीं दूसरी ओर उन्होंने एक ईश्वरबाद का सिद्धांत देते हुए समाज को समरस व समानता का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि आदिगुरू ने देश के चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना की। जिससे हर नागरिक अपने देश व संस्कृति को जान सके व उसे आत्मसात कर सके। आदिगुरू के विचारों और प्रयासों से सनातन धर्म का पुन: उत्थान हुआ। सोये हुए जनमानस में सनातन धर्म के प्राणों का संचार हुआ। आदिगुरू शंकराचार्य ने सनातन धर्म को समाज और देश ही नहीं पूरी दुनिया में प्रतिष्ठा दी।
व्याख्यान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ विचारक व समाजसेवी अखिलेश सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने व संगठित करने का संदेश देते हैं। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के संभागीय समन्वयक प्रवीण पाठक के कहा कि,जन अभियान परिषद द्वारा पूरे प्रदेश में आदिगुरू शंकराचार्य जी जीवन के कृतित्व व दर्शन पर आधारित व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रम के माध्यम से आदिगुरू के संदेशो से आमजनों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। व्याख्यान कार्यक्रम को कृष्णेन्द्र तिवारी, अमित अवस्थी, नगर पंचायत डभौरा के अध्यक्ष प्रतिनिधि संजय गुप्ता, ने संबोधित किया। कार्यक्रम में विकासखंड प्रभारी राजेश अवधिया, धीरेंद्र शुक्ल, नवांकुर संस्था संस्था प्रतिनिधि भूपनारायण मिश्रा, अरुण तिवारी, विनय सिंह, सतेंद्र सिंह, परामर्शदाता सुधा पाण्डेय, हरगोविंद द्विवेदी, रीता सिंह, शिरीष तिवारी, एवम प्रस्फुटन समिति के पदाधिकारी, समाजसेवी व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

