
गन्ना कटाई मशीन मालिक १० मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर शक्कर आयुक्त को दिया आवेदन
पुणे : गन्ना कटाई मशीनों की कटाई दर में ५० प्रतिशत की वृद्धि की जानी चाहिए, जिन मामलों में बैंक की किस्ते है, उनमें ३ साल की वृद्धि दी जानी चाहिए, और छूट १.५ प्रतिशत होनी चाहिए. ऐसी कई महत्वपूर्ण मांगों का एक ज्ञापन महाराष्ट्र राज्य गन्ना कटाई मशीन मालिक संघ के सचिव अमोलराजे वसंतराव जाधव और उनके सहयोगियों ने शक्कर आयुक्त सिद्धराम सालीमठ को सौंपा. इस मांग को लेकर राज्य के १३०० मशीन मालिकों ने १० मार्च से शक्कर आयुक्त कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी है. साथ ही यह आवेदन राज्य के उपमुख्यमंत्री को भी दिया जाएगा.
शक्कर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते समय संगठन के अभय कोल्हे, राजाभाऊ लोमटे, धनंजय काले, गणेश यादव, नीलेश बागटे, कलीम शेख, शरद चव्हाण,राहुल इथापे और रजत नलावडे उपस्थित थे.
महाराष्ट्र राज्य गन्ना कटाई मशीन मालिक संघ, सातारा ने भी गन्ना कटाई मशीने ट्रांसपोर्टरों की संख्या में वृद्धि की मांग की है. कृषि क्षेत्र प्रोत्साहित योजना से कृषि मशीनीकरण में तेजी से वृद्धि हुई है. इसके चलते राज्य में करीब १३०० गन्ना कटाई मशीने चल रही है. जिनमें से कुछ को सब्सिडी भी मिली है. इनमें से लगभग ९०० मशीनों को २०१९ से सब्सिडी नहीं मिली है. इसके लिए उन्होंने समय समय पर आंदोलन भी किया लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला.
डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण एक टन गन्ना कटाई के लिए मशीन को लगभग ३ लीटर डीजल की आवश्यकता होती है, जिसकी लागत २६० से २८० रूपये आती है. मशीन चलोन के लिए ऑपरेटर/इनफिल्डर ड्राइवर का वेतन, प्रति टन परिचालन लागत ८० रूपये आती है. मरम्मत, ग्रीस और स्पेयर पार्टस की लागत १०० रुपये प्रति टन है. यानी एक टन गन्ना काटने मं ४६० रूपये का खर्च आता है. यहां फैक्ट्रियां हमें ४५० से ५०० रूपये देती है. हमारी आय कम है और बैंक की किश्ते चुकाना मुश्किल हो गया है.
आयुक्त के जीआर के अनुसार किसानों, गन्ना कटाई करने वालों और ट्रांसपोर्टरों द्वारा पांच साल के कर में ४.५ प्रतिशत की कटौती की जा रही है, जो कुल मिलाकर १३.५ प्रतिशत है. इसलिए संगठन ने मांग की है कि राज्य के सभी मशीन मालिकों की इस समस्या का जल्द से जल्द से समाधान किया जाए.


