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ब्रिजिंग बिहार इवेंट बिहार के उद्यमियों, इनोवेटर्स और विचारशील नेताओं को एक मंच देने के उद्देश्य.

ब्रिजिंग बिहार इवेंट बिहार के उद्यमियों, इनोवेटर्स और विचारशील नेताओं को एक मंच देने के उद्देश्य

 

ब्रिजिंग बिहार इवेंट में ऑर्गेनिक सत्त्व D2C वेबसाइट का शुभारंभ

 

पुणे: पुणे के बोट क्लब में आयोजित ब्रिजिंग बिहार इवेंट के दौरान ऑर्गेनिक सत्त्व की डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) वेबसाइट का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें TIE पटना के अध्यक्ष कुमोद कुमार, CIMP के निदेशक डॉ. राणा सिंह, सोशल एंटरप्रेन्योर श्वेता सलानी, स्टार्टअप लीगल के संस्थापक रवि भारद्वाज सहित कई उद्योग विशेषज्ञ शामिल थे। मिथिला समाज संस्था पुणे के उपाध्यक्ष जटाशंकर चौधरी, सचिव ऋषि झा, अंतोदय सिन्हा समेत कई सदस्य शामिल हुए।

 

ब्रिजिंग बिहार इवेंट बिहार के उद्यमियों, इनोवेटर्स और विचारशील नेताओं को एक मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस आयोजन में बिहार की कृषि, स्टार्टअप और उद्योगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसी कड़ी में मखाना उद्योग और प्राकृतिक खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ऑर्गेनिक सत्त्व की पहल को भी प्रस्तुत किया गया।

 

 

मखाना: बिहार की पहचान और सुपरफूड का दर्जा

 

बिहार के मखाना उद्योग को हाल ही में एक नई पहचान मिली है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा मखाना बोर्ड की स्थापना की गई है। यह कदम किसानों और उद्योग जगत के लिए एक बड़ी पहल है, जिससे इस क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। ऑर्गेनिक सत्त्व के संस्थापक लिली झा और सह-संस्थापक अमित चौधरी ने इस अवसर को बिहार के किसानों और उद्यमियों के लिए एक नया रास्ता बताया।

 

महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक और कदम

 

ऑर्गेनिक सत्त्व के उत्पादन केंद्रों में 70% से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं, जो स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस लॉन्च के माध्यम से, उपभोक्ताओं को सीधे शुद्ध, प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पादों तक पहुंच प्राप्त होगी, जिससे बिहार के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

 

बिहार की कृषि को नई दिशा देने की पहल

 

इस कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में नवाचार, GI-टैग वाले उत्पादों का महत्व, और डिजिटल युग में कृषि व्यवसाय के अवसरों पर भी चर्चा हुई। यह इवेंट बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की एक सफल पहल साबित हुआ, जिसमें किसानों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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