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कोका-कोला ने नया रोमांचक “हाफटाइम” कैपेंन शुरू किया, यह लोगों को ज़िंदगी में छोटे-छोटे पलों का भी आनंद लेने के लिए प्रेरित करता है

कोका-कोला ने नया रोमांचक “हाफटाइम” कैपेंन शुरू किया, यह लोगों को ज़िंदगी में छोटे-छोटे पलों का भी आनंद लेने के लिए प्रेरित करता है

 

पुणे : कोका-कोला ने एक बड़ा बदलाव लाने वाला कैंपेन “हाफटाइम” शुरू किया है, जो इसके प्रशंसको को छोटा सा ब्रेक लेकर जिंदगी के छोटे-छोटे पलों का आनंद उठाने के लिए प्रेरित करता है। यह ब्रेक जीवन की दौड़ में फिर से शामिल होने से पहले रीसेट, रिफ्रेश और फिर से जोश भरने का एक पल होता है। खेलों में इस्तेमाल होने वाले हाफटाइम के नियम पर आधारित, यह कैंपेन एक साधारण से ब्रेक को एक सार्थक अनुभव में बदल देता है।

दुनिया भर में लॉन्च किये गये, हाफटाइम कैंपेन में किस्सागोई, ब्रांड फिल्मों और डिजिटल अनुभवों का संयोजन किया गया है और यह दिखाता है कि कैसे एक साधारण ब्रेक एक नया दृष्टिकोण विकसित कर सकता है। भारत इस मामले में सबसे आगे है, जहां पहली फिल्म इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे कोका-कोला की एक चुस्की पलों में बीत जाने वाले समय को कुछ खास बना देती है। चाहे वह खिलाड़ियों का मैच के बीच में रुककर जल्दी से रिचार्ज करना हो या फिर कुछ और, यह अभियान हमें याद दिलाता है कि आगे बढ़ते रहने का सबसे अच्छा तरीका हाफटाइम लेना है।

इस अनुभव को और भी बेहतर बनाने के लिए वीएमएल दिल्ली द्वारा तैयार किया गया एक जबर्दस्‍त एंथम है, जिसका निर्देशन पुरस्कार विजेता दिबाकर बैनर्जी ने किया है। इसमें स्नेहा खानवलकर का संगीत और खुल्लर जी के बोल हैं। यह गीत रोजमर्रा के क्षणों को इस तरह से पेश करता है कि वह वास्तविक और प्रासंगिक लगता है, जिससे हाफटाइम जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा महसूस होने लगता है।

वीएमएल इंडिया की सीईओ बबीता बरुआ ने कहा, “कोका-कोला हमेशा अपने विज्ञापनों से लोगों को कुछ नया दिखाता है, और हमें लगता है कि हमने ‘हाफटाइम’ कैंपेन के साथ भी ऐसा ही किया है। यह कैंपेन पूरी दुनिया के लोगों को पसंद आएगा, और हमें इस बात का बहुत गर्व है कि यह भारत से शुरू हुआ है।

दिबाकर बैनर्जी ने कहा, “हाफटाइम’ को सफल बनाने के लिए ज़रूरी था कि इसे अपने देश की संस्कृति से जोड़ा जाए, जहाँ हम कभी सिर्फ एक काम नहीं करते, बल्कि कई काम एक साथ करते हैं। जैसे, हमारे देश में किसी सड़क उत्सव में, आयोजक भीड़ और शोर-शराबे का ध्यान भी रखता है और उसमें शामिल भी होता है। तो, हाफ टाइम दोनों चीजों का मिश्रण है।”

कोका-कोला कंपनी के भारत और दक्षिण-पश्चिम एशिया ऑपरेटिंग यूनिट में कोका-कोला कटेगरी के मार्केटिंग के सीनियर डायरेक्ट कौशिक प्रसाद ने कहा, “आजकल दुनिया इतनी तेज़ी से भाग रही है कि रुकने और थोड़ा आराम करने की अहमियत को भूलना आसान है। कई सालों से, कोका-कोला लोगों के रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा रहा है, यह उन्‍हें एक छोटा सा पर तरोताज़ा करने वाला ब्रेक देता आया है। ‘हाफटाइम’ के साथ, हम सिर्फ रुकने का जश्न नहीं मना रहे हैं-हम इसे एक ताज़ा पल बना रहे हैं, जो लोगों को खुशी से जोड़ता है और हाथ में एक ठंडी कोका-कोला के साथ उन्हें उनकी पसंदीदा चीज़ों के पास वापस लाता है।”

कोका-कोला का बिग गेम मोमेंट: हाफटाइम का क्रिकेट से मिलन

क्रिकेट के बढ़ते बुखार के बीच कोका-कोला 23 फरवरी को भारत बनाम पाकिस्तान आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी मैच को अपनी तरह के पहले इंटरैक्टिव हाफटाइम अनुभव में बदलने की तैयारी में है। दर्शक लाइव प्रसारण के दौरान एस्टन बैंड पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके सीमित समय के लिए विशेष ऑफर के तहत आधी कीमत पर कोका-कोला अनलॉक कर सकते हैं। यह रोमांचक इनोवेशन गेम ब्रेक को एक यादगार, ताज़ा रीसेट में बदल देता है, जो साबित करता है कि हाफटाइम सिर्फ़ एक पॉज़ नहीं है; यह एक जश्‍न है।

 

हाफटाइम मूवमेंट में शामिल हों

 

हँसी-मज़ाक से लेकर फोटो खींचने तक, थोड़ा रुकने से लेकर फिर से शुरू करने तक, कोका-कोला का ‘हाफटाइम’ कैंपेन हमारे रोज़ के छोटे-छोटे पलों को खास बना देता है। क्योंकि कभी-कभी, दिन का सबसे अच्छा हिस्सा सिर्फ आगे बढ़ते रहना नहीं होता – यह पल को अच्छे से जीने और उसका पूरा

आनंद उठाने के बारे में होता है।

 

 

 

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