रीवा

सोशल मीडिया में जातिगत एवं विद्वेष, दुर्भावना पूर्ण संदेशों का प्रसारण प्रतिबंधित

सोशल मीडिया में जातिगत एवं विद्वेष, दुर्भावना पूर्ण संदेशों का प्रसारण प्रतिबंधित

रीवा एमपी: अपर जिला दण्डाधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने रीवा जिले की सीमाओं के भीतर दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर धार्मिक, सांप्रदायिक तथा जातिगत विद्वेष, दुर्भावना पूर्ण संदेशों के प्रसारण को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया है। आगामी समय में विभिन्न त्यौहार मनाए जाएंगे जिसमें सभी वर्ग समुदाय एवं धर्मों के लोगों द्वारा सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर, एसएमएस, इंस्टाग्राम आदि के माध्यमों से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। कुछ शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया में भ्रामक व आपत्तिजनक संदेशों/सूचनाओं के अनावश्यक आदान-प्रदान से धार्मिक उन्माद व आपस में वर्ग संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसी परिस्थिति में कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। इन परिस्थितियों में शांति, सुरक्षा व्यवस्था एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति इंटरनेट तथा सोशल मीडिया के प्लेटफार्म में धार्मिक भावनाओं को भड़काने, पोस्ट या संदेश अथवा चित्र, ऑडियो या वीडियो के माध्यम से प्रसारण नहीं करेगा न भेजेगा। ग्रुप एडमिन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 12 जून 2022 तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य अधिनियमों के अन्तर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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